राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान योजना अंतर्गत 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पंचायत विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत महासमुंद में शुक्रवार को
जिले में कृषि के साथ-साथ पशुपालन ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन है। 21वीं पशुगणना के अनुसार जिले में 1,78,533 गौवंशीय एवं 12,776 भैंसवंशीय सहित कुल 1,91,309 पशुधन उपलब्ध है।