रेलवे स्टेशन पर 30 साल से भीख मांगने वाले राजू नाम की कहानी अलग है. राजू समय के हिसाब से अपने भीख मांगने के तरीके भी बदलता रहा. आज राजू देश के उन चंद भिखारियों में शामिल है, जो खुद को डिजिटल भिखारी कहते हैं.
लड़का अपनी गर्लफ्रेंड को सूटकेस के अंदर छिपाकर आधी रात को हॉस्टल से बाहर चुपके से निकाल रहा था. लेकिन लड़के की चालाकी गेट पर बैठे गार्ड के सामने नहीं चली.
महिला चंद महीनों की मेहमान है. जिस बीमारी से वह ग्रस्त है, उसकी अंतिम स्टेज चल रही है. डॉक्टरों ने इस शख्स को बताया है कि महिला 4 से पांच महीनों तक व्हीलचेयर पर रहेगी. आठवें महीनें में वह बेडरिडन हो जाएगी.