धर्म भले ही अनेक, लेकिन देश एक 'भारत - CG Sandesh

धर्म भले ही अनेक, लेकिन देश एक 'भारत

इंदौर, 28 दिसंबर, 2024: भारत की पहचान उसकी विविधता में एकता है। यह देश कई धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों का अनूठा संगम है, जहाँ हर व्यक्ति को अपनी आस्था और परंपराओं के साथ जीने की स्वतंत्रता है। इस विविधता में ही भारत की सबसे बड़ी ताकत छिपी है। लेकिन, जब ये ही धर्म कुछ कारणों की वजह से एक-दूसरे से लड़ते रहते हैं, तो समाज की दीवार दरकने लगती है। धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा और द्वेष से हमारा भाईचारा टूटता है। जब लोग अपने धर्म को सबसे ऊपर मानकर दूसरों के धर्म का अनादर करते हैं, तो यह भारत की विविधता और एकता के खिलाफ जाता है। इससे न सिर्फ हमारा समाज कमजोर होता है, बल्कि इसके विकास में रुकावट भी आती है।

यह एक ऐसा गंभीर मुद्दा है, जिस पर समय रहते काम नहीं किया गया, तो हमारा भारत, भारत नहीं रहेगा और न ही हम भारत माता के सच्चे सपूत कहलाने के लायक रहेंगे। इससे देश के लोगों को अवगत कराने के उद्देश्य से इंदौर स्थित देश की मशहूर पीआर संस्था, पीआर 24x7 के वार्षिक उत्सव 'उड़ान 2025' के दौरान एक बेमिसाल एक्ट पेश किया गया, जिस पर कंपनी के एम्प्लॉयीज़ ने आकर्षक प्रस्तुति दी।

एक्ट में गाँधी जी का किरदार निभाने वाले *विनीत भट्ट, वाइस प्रेसिडेंट, मीडिया मॉनिटरिंग*, ने कहा, "हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई- ये चार धर्म ऐसे हैं, जिनके धर्मिक रंगों, यानि केसरिया, सफेद, हरे और नीले के संयोजन से हमारे देश का तिरंगा सुभोभित है। इसके साथ ही, सभी धर्म हमारे देश का मान बढ़ाते हैं और इनकी एकता ही हमारे भारत की असली पहचान है। धार्मिक कारणों से एक दूसरे से मनमुटाव या फसाद करने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए, भाईचारे के लिए पूरी दुनिया में अलग पहचान रखने वाले हमारे देश का मान हम सभी बनाए रखें, यही पीआर 24x7 की ओर से मेरा सभी से विनम्र अनुरोध है।"

अभिषेक विश्वकर्मा, सीनियर एग्जीक्यूटिव, मीडिया मॉनिटरिंग, ने कहा, "देश के साथ चलने का जज़्बा हर भारतीय के दिल में बसता है। चाहे आप किसी भी धर्म से ताल्लुक रखते हों, जब बात देश की आती है, तो हर नागरिक एकजुट होकर अपने देश की रक्षा और सम्मान के लिए खड़ा हो जाता है। यह वही जज़्बा है, जो भारत को अद्वितीय बनाता है। लेकिन, कुछ कारणों से आपसी द्वेष न सिर्फ हमें, बल्कि पूरे भारत के सम्मान को ठेस पहुँचाता है। सब साथ रहें, मिलकर रहें, यही हम इस एक्ट के माध्यम से बताना चाहते थे।"

वह कहते हैं न "बंद मुट्ठी लाख की और खुल गई तो खाक की" यह कहावत सभी धर्मों पर लागू होती है कि साथ मिलकर रहने में ही शक्ति है। जब हम सभी अपने-अपने धर्मों का सम्मान करते हुए, एक राष्ट्र के रूप में साथ चलते हैं, तो हम एक ऐसा समाज बनाते हैं, जो हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहता है। पीआर 24x7 के वार्षिक उत्सव में आयोजित यह प्रस्तुति वास्तव में तारीफ के काबिल है।

पीआर 24x7 के बारे में

पीआर 24x7 एक कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एजेंसी है, जो भारत की सर्वश्रेष्ठ पीआर एजेंसियों में से एक है। ब्रांड के पास 25 वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसने इसे 18 से अधिक राज्यों और 68 से अधिक शहरों में अपनी सेवाओं का विस्तार करने में सक्षम बनाया है। इसकी 75 से अधिक सदस्यों की मजबूत और समर्पित टीम ने हर चुनौती का सामना करते हुए उत्कृष्टता की ऊँचाइयों को छुआ है। आज, कंपनी के पास 200 से अधिक क्लाइंट्स और 75 से अधिक लोगों की एक मजबूत टीम है। हमारे ग्राहक हमें कई कारणों से पसंद करते हैं, जिनमें 24x7 उपलब्धता, रीजनल मीडिया की समझ, नेटवर्क और मीडिया संबंध, क्राइसिस कम्युनिकेशन में विशेषज्ञता, उत्कृष्ट मीडिया मॉनिटरिंग क्षमताएँ, टीम की संस्कृति और स्थिरता और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के साथ दीर्घकालिक ग्राहक संबंध शामिल हैं।


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