बस्तर में बाढ़ से भारी नुकसान, राष्ट्रपति मुर्मु से राहत और विकास की आस: फूलो देवी नेताम
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को जगदलपुर पहुंचेंगी। यहां वे बस्तर की ऐतिहासिक और पारंपरिक व्यवस्था मुरिया दरबार में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के इस दौरे से क्षेत्र के आदिवासी समुदाय को कई उम्मीदें हैं। कांग्रेस की राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने कहा कि बस्तर के लोग चाहते हैं कि राष्ट्रपति उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनें तथा उनके समाधान के लिए प्रयास करें।नेताम के मुताबिक, हाल में आई भीषण बाढ़ से बस्तर में व्यापक नुकसान हुआ है। किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं और कई परिवारों को जान-माल की क्षति उठानी पड़ी है। ऐसे हालात में लोगों को उम्मीद है कि राष्ट्रपति के दौरे से प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बस्तर में संसाधनों की कमी नहीं, जरूरत बेहतर योजना की
फूलो देवी नेताम ने कहा कि बस्तर वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र है। उनके अनुसार, यहां विकास की संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन इसके लिए प्रभावी योजनाओं और उन्हें लागू करने की मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत है।उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र की जरूरतों पर ध्यान देकर बस्तर में विकास कार्यों को गति दी जा सकती है और स्थानीय लोगों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
मुरिया दरबार में आम लोगों की भागीदारी पर उठाए सवाल
मुरिया दरबार की व्यवस्था को लेकर भी सांसद ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले इस आयोजन में स्थानीय आदिवासी समुदाय सहित विभिन्न समाजों के लोग बिना किसी रोक-टोक के शामिल होते थे। लेकिन अब उनके अनुसार, प्रशासनिक दबाव और पास व्यवस्था के चलते आम लोगों की भागीदारी प्रभावित हो रही है।नेताम का कहना है कि मुरिया दरबार को ऐसा मंच बने रहना चाहिए, जहां लोग स्वतंत्र रूप से अपनी समस्याएं रख सकें और उनकी बात सुनी जाए। उन्होंने कहा कि पहले इस परंपरा में लोगों की शिकायतों और जरूरतों पर ध्यान दिया जाता था। उनके मुताबिक, आयोजन को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखा जाना चाहिए और इसमें सत्ताधारी दल का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
मलेरिया और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार पर सवाल
बस्तर में मलेरिया की समस्या और मच्छरदानी वितरण से जुड़े टेंडर में देरी का मुद्दा उठाते हुए फूलो देवी नेताम ने इसे सरकारी व्यवस्था की कमी बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को उनकी जरूरत के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने समय पर जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने और लोगों तक उपचार की सुविधाएं पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।
महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर जताई चिंता
छत्तीसगढ़ में महिला अपराध की घटनाओं को लेकर भी सांसद ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद प्रदेश में बालिकाओं के खिलाफ हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। नेताम ने दावा किया कि रोजाना तीन से चार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए सरकार से महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराध के मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
राष्ट्रपति के दौरे से बस्तर की समस्याओं पर ध्यान देने की उम्मीद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुरिया दरबार में शामिल होने को बस्तर के मुद्दों को सामने रखने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत, किसानों के नुकसान, स्वास्थ्य सेवाओं, आदिवासी समुदाय की भागीदारी और महिलाओं की सुरक्षा जैसे विषय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।फूलो देवी नेताम ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति के समक्ष उठने वाले मुद्दों पर गंभीरता से विचार होगा और बस्तर के लोगों की जरूरतों के अनुरूप विकास तथा राहत के प्रयास आगे बढ़ेंगे।