दुर्ग में 11 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर CAF आरक्षक के अपहरण और मारपीट का आरोप, महिला समेत दो गिरफ्तार
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 11 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के एक आरक्षक के अपहरण और मारपीट का मामला सामने आया है। मामले में पुलगांव पुलिस ने कोहका निवासी हरजीत कौर और कार चालक कृष्णा सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आरक्षक ने कंट्रोल रूम में दी अपहरण की सूचना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोजराज अग्रवाल के अनुसार, रायगढ़ की छठवीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक विजय सील ने रविवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर अपने अपहरण की सूचना दी थी। जानकारी मिलते ही पुलगांव पुलिस की टीम गोकुल नगर पहुंची।पुलिस को मौके पर एक कार में एक महिला, चालक और दो अन्य लोग मिले। पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ खेत देखने आई थी। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों के मोबाइल नंबर और तस्वीरें दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
11 लाख रुपये के लेन-देन से जुड़ा विवाद
आरक्षक विजय सील ने पुलिस को बताया कि उसने हरजीत कौर से ब्याज पर 11 लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि वह पिछले करीब सात महीने से रकम लौटाने में टालमटोल कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।आरक्षक के अनुसार, रकम वापस लेने के लिए हरजीत कौर ने उसे दुर्ग बस स्टैंड बुलाया। वहां नाश्ता कराने के बहाने उसे कार में बैठाया गया और फिर गोकुल नगर ले जाया गया।
बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, गोकुल नगर पहुंचने के बाद आरक्षक के साथ मारपीट की गई और उसे बंधक बनाकर रखा गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए हरजीत कौर और कार चालक कृष्णा सिंह को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में कार्रवाई की जा रही है।
लेन-देन और अपहरण के सभी पहलुओं की जांच
पुलगांव पुलिस मामले में रकम के लेन-देन, कथित अपहरण और मारपीट से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी और वारदात किस परिस्थिति में हुई। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।