महासमुंद : ग्राम परसवानी में रावे/रेडी कार्यक्रम के तहत किसानों एवं विद्यार्थियों को दिया गया व्यावहारिक कृषि ज्ञान
कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, महासमुन्द द्वारा बी.एससी. कृषि (ऑनर्स) चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) एवं ग्रामीण उद्यमिता जागरूकता विकास योजना (READY) के अंतर्गत सामान्य अभिमुखीकरण एवं ऑफ-कैंपस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ग्राम परसवानी, जिला महासमुन्द में किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासियों की उपस्थिति रही। विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों के बीच कृषि संबंधी ज्ञान, आधुनिक तकनीकों तथा जैविक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम परसवानी के सरपंच श्री विकास चन्द्राकर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. संदीप भंडारकर ने की। उन्होंने रावे/रेडी कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से कृषि के विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश, किसानों की समस्याओं तथा कृषि की वास्तविक परिस्थितियों को समझते हैं। इससे विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को खेतों में व्यावहारिक रूप से लागू करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. जी. पी. भास्कर ने जैविक खेती के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने, जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट तथा जैविक कीट प्रबंधन जैसी तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जैविक खेती मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर डॉ. आदित्य ने किसानों एवं विद्यार्थियों को विभिन्न कृषि यंत्रों, उनके उपयोग तथा कृषि कार्यों में आधुनिक कृषि यंत्रीकरण की उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रों के समुचित उपयोग से श्रम एवं समय की बचत के साथ कृषि कार्यों की दक्षता भी बढ़ाई जा सकती है।
कार्यक्रम का मंच संचालन बी.एससी. कृषि (ऑनर्स) चतुर्थ वर्ष के छात्र पीयूष वर्मा ने किया। उन्होंने प्रभावी मंच संचालन के माध्यम से कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. ओकेश चन्द्राकर, डॉ. निर्मला भारती पटेल एवं डॉ. ऋचा चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता रही। डॉ. ऋचा चौधरी ने आभार प्रदर्शन करते हुए मुख्य अतिथि, ग्रामवासियों, महाविद्यालय के अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासियों की सहभागिता ने ग्रामीण स्तर पर कृषि शिक्षा एवं तकनीकी जागरूकता के प्रति उत्साह को प्रदर्शित किया। इस आयोजन से विद्यार्थियों को ग्रामीण समुदाय के साथ संवाद स्थापित करने, किसानों की आवश्यकताओं को समझने तथा कृषि की नवीन एवं टिकाऊ तकनीकों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।