महासमुंद : ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती अपनाकर उमा शुक्ला कमा रहीं प्रति एकड़ 1 लाख 25 हजार रुपए की शुद्ध आय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा किसानों के जीवन में खुशहाली लाने, कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प की प्रेरक यात्रा रही है। इसी दिशा में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सरकार की इन्हीं किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेकर महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम कुल्हरिया की कृषक श्रीमती उमा शुक्ला ने ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती को अपनाकर अपनी आमदनी का नया रास्ता तैयार किया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत फल क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़कर उन्होंने खेती में नवाचार के साथ ही प्रति एकड़ लगभग 1 लाख 25 हजार रुपए की शुद्ध आय अर्जित कर अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बनी हैं।
उमा शुक्ला, पति प्रकाश नारायण शुक्ला बताती हैं कि पूर्व में वे अपनी 1.62 हेक्टेयर भूमि पर पारंपरिक रूप से धान की खेती करती थीं। इस भूमि में लगभग 1.00 हेक्टेयर सिंचित तथा 0.60 हेक्टेयर असिंचित रकबा था। धान की खेती में लागत और मेहनत की तुलना में आमदनी सीमित रहती थी। ऐसे में अधिक लाभ देने वाली फसल की तलाश में उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन को अपनाते हुए अपनी भूमि पर ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती शुरू करने का निर्णय लिया।
उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से शुक्ला दंपत्ति ने ड्रैगन फ्रूट की खेती में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया। इसका परिणाम यह रहा कि उन्हें पहले ही वर्ष में लगभग 40 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पादित ड्रैगन फ्रूट को महासमुंद एवं बागबाहरा मंडी में लगभग 80 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया गया। इससे उन्हें प्रति एकड़ लगभग 1 लाख 25 हजार रुपए की शुद्ध आय प्राप्त हुई। उमा शुक्ला बताती हैं कि धान की तुलना में ड्रैगन फ्रूट की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक है, लेकिन बेहतर उत्पादन और बाजार में मिलने वाले अच्छे मूल्य के कारण लाभ की संभावनाएं कहीं अधिक हैं।