महासमुंद : आयुष सेवाओं के विस्तार से जिले में बढ़ा जनविश्वास, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधाएं
जिले में आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीक ही आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं योग आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। जिला आयुष विभाग द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों से आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और स्वस्थ जीवनशैली तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी जन-जागरूकता मजबूत हुई है।
जिले में 36 आयुष संस्थाओं के माध्यम से नियमित ओपीडी सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अपने नजदीक ही स्वास्थ्य परामर्श, जांच एवं उपचार तथा निःशुल्क औषधियों की सुविधा उपलब्ध हो रही है। आयुष चिकित्सकों द्वारा उपचार के साथ स्वस्थ जीवनशैली, योग तथा आहार-विहार संबंधी परामर्श भी दिया जा रहा है।
वर्ष 2021-22 में 86,279, वर्ष 2022-23 में 1,91,854, वर्ष 2023-24 में 2,02,424, वर्ष 2024-25 में 1,81,307, वर्ष 2025-26 में 1,83,303 तथा वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त 2026 तक 70,146 लोगों को आयुष सेवाओं का लाभ मिला।
वरिष्ठ नागरिकों की विशेष स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में सियान जतन क्लिनिक की शुरुआत की गई। जिले के 36 आयुष संस्थानों में प्रत्येक गुरुवार को 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
यहां सामान्य स्वास्थ्य जांच, प्रकृति परीक्षण, आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथी औषधियों के साथ पंचकर्म सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। योजना के तहत वर्ष 2021-22 में 9,706, वर्ष 2022-23 में 36,972, वर्ष 2023-24 में 41,607, वर्ष 2024-25 में 36,452, वर्ष 2025-26 में 34,502 तथा अप्रैल से अगस्त 2026 तक 11,761 वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिला।
आयुष चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में नियमित रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शिविरों में आयुर्वेद, योग, यूनानी एवं होम्योपैथी विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क परामर्श, स्वास्थ्य परीक्षण एवं औषधि वितरण किया गया। “रन फॉर आयुर्वेद” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया गया, जिसमें लगभग 500 लोगों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों एवं युवाओं के बीच प्रकृति परीक्षण तथा स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर आयुष को उपचार के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ा गया।
जिले के 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नियमित योग गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को योग, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नियमित योगाभ्यास एवं स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों से लोगों में योग के प्रति रुचि बढ़ी है तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित हुई है। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय में 02 स्थानों पर भी नियमित योग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
जिले के आयुष विंग में पंचकर्म चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल रहा है। चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार पंचकर्म की विभिन्न प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं। इससे जिले के नागरिकों को विशेष आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम हुई है।
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