आरसेटी महासमुंद से मिला हुनर, जितेन्द्र ने शुरू की मोबाइल रिपेयरिंग शॉप, हर महीने कमा रहे 25 से 30 हजार रुपये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा का संकल्प युवाओं को कौशल, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोड़कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाना रहा है। इसी सेवा संकल्प की भावना के अनुरूप कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसरों से जुड़कर अनेक युवा अपने सपनों को नई दिशा दे रहे हैं। महासमुंद जिले के जितेन्द्र की कहानी भी इसी आत्मनिर्भरता और मेहनत की मिसाल है, जिन्होंने आरसेटी महासमुंद से प्रशिक्षण प्राप्त कर मोबाइल रिपेयरिंग के व्यवसाय को अपनी आजीविका का आधार बनाया।
जितेन्द्र ने स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के के लिए आरसेटी महासमुंद से मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन की तकनीकी खराबियों की पहचान, रिपेयरिंग एवं आवश्यक तकनीकी कार्यों का व्यावहारिक ज्ञान हासिल किया। प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल ने उनमें अपने स्वयं के व्यवसाय को शुरू करने का आत्मविश्वास पैदा किया।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जितेन्द्र ने अपने घर से 3 लाख 50 हजार की राशि निवेश कर मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान प्रारंभ की। शुरुआत में व्यवसाय को स्थापित करने के लिए उन्होंने अपनी मेहनत, तकनीकी कौशल और ग्राहकों की जरूरतों को समझने पर विशेष ध्यान दिया। धीरे-धीरे उनकी दुकान क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने लगी और ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया। आज जितेन्द्र अपने मोबाइल रिपेयरिंग व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार की आय अर्जित कर रहे हैं।
जितेन्द्र बताते हैं कि आरसेटी से प्राप्त प्रशिक्षण ने उन्हें तकनीकी कौशल के साथ स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। आज वे अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में योगदान दे रहे हैं।