महासमुंद : आबकारी विभाग द्वारा पिछले 6 महीने में 828 प्रकरणों में कुल 15 हजार 340 किलोग्राम लाहन तथा 3273 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त कर नष्ट किया गया
जिला आबकारी अधिकारी रमेश अग्रवाल ने बताया कि ओडिशा राज्य की सीमा से लगे महासमुंद जिले की पिथौरा, बसना, सरायपाली और बागबाहरा तहसीलें भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील हैं। घने जंगल, नदी-नाले और दुर्गम क्षेत्र अवैध महुआ शराब के निर्माण तथा अन्य राज्यों से अवैध मदिरा के परिवहन के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां उत्पन्न करते रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों में अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आबकारी विभाग द्वारा सतत गश्त, निगरानी, सूचना तंत्र और संयुक्त कार्रवाई को मजबूत किया गया। जिले में वर्तमान में 08 आबकारी वृत्त, 02 आबकारी जांच चौकी तथा कुल 39 मदिरा दुकानें संचालित हैं। इनमें 01 देशी मदिरा, 01 विदेशी मदिरा, 34 कम्पोजिट मदिरा तथा 03 प्रीमियम मदिरा दुकान शामिल हैं।
आबकारी विभाग द्वारा मदिरा की आपूर्ति श्रृंखला में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है। जीपीएस आधारित वाहन निगरानी, क्यूआर कोड और बारकोडिंग जैसी व्यवस्थाओं से मदिरा के निर्माण से लेकर परिवहन और बिक्री तक ट्रैकिंग को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। मदिरा दुकानों में यूपीआई, पीओएस एवं डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने से बिक्री राशि के पारदर्शी संग्रहण में भी मदद मिली है। अंतर्राज्यीय सीमा से होने वाले अवैध परिवहन पर नियंत्रण के लिए आबकारी दो जांच चौकियों में सघन जांच की जा रही है। प्रमुख मार्गों पर संदिग्ध वाहनों की निगरानी, सीसीटीवी सर्विलांस और विभागीय टीमों की सक्रियता से अवैध मदिरा परिवहन के मामलों में कार्रवाई तेज हुई है।
जिले के जंगलों एवं नदी-नालों के आसपास अवैध महुआ लाहन और कच्ची शराब निर्माण के संभावित ठिकानों को चिन्हित कर लगातार दबिश दी गई। आबकारी विभाग की टीम द्वारा अप्रैल 2026 से 15 सितम्बर 2026 तक 828 प्रकरणों में कुल 15 हजार 340 किलोग्राम लाहन तथा 3273 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त कर नष्ट किया गया। जिला स्तरीय उड़नदस्ता एवं स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से अवैध कारोबार से जुड़े ठिकानों पर त्वरित कार्रवाई की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि में 1605.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस प्रकार तकनीक आधारित निगरानी, वैध बिक्री को प्रोत्साहन, डिजिटल भुगतान, अंतर्राज्यीय सीमा पर सघन जांच तथा अवैध मदिरा के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन ने जिले की आबकारी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है।