महासमुंद : हाईटेंशन लाइन बंद कराए बिना कराया ढलाई कार्य, करंट की चपेट में आकर राजमिस्त्री का निचला शरीर हुआ पैरालाइज्ड
महासमुंद थाना क्षेत्र के ग्राम मुढ़ेना स्थित पत्थर खदान में कार्यालय निर्माण के दौरान खदान मालिकों और ठेकेदार की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है. निर्माण स्थल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन को बिना बंद कराए और बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कराने के कारण एक राजमिस्त्री गंभीर रूप से करंट की चपेट में आ गया. हादसे में मजदूर की रीढ़ की हड्डी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके कमर के नीचे का हिस्सा पैरालाइज्ड हो गया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बेलसोंडा वार्ड नं. 18 रामसत्ता चौक, महासमुंद निवासी दिनेश्वरी साहू ने बताया कि वह अपने पति खेमराज साहू और अन्य 15-20 मजदूरों के साथ ठेकेदार जगदीश धीवर के मातहत ग्राम मुढ़ेना में अजय ठाकुर और हेमंत साहू के पत्थर खदान में कार्यालय निर्माण का काम कर रही थी. 30 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 11:00 बजे झज्जा ढलाई का काम चल रहा था.
निर्माण स्थल के ठीक ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही थी. काम शुरू करने से पहले मजदूरों ने मकान मालिकों और ठेकेदार से सुरक्षा उपकरण देने तथा बिजली विभाग से पावर कट लाइन बंद कराने का अनुरोध किया था. लेकिन मालिकों और ठेकेदार ने सुरक्षा की पूरी तरह अनदेखी की. ढलाई के दौरान खेमराज साहू हाईटेंशन लाइन के करंट की चपेट में आ गया. इस भीषण हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं, रीढ़ की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कमर के नीचे का पूरा शरीर सुन्न हो गया.
पीड़िता ने बताया कि हादसे के बाद पिछले 9 महीनों से उसके पति का लगातार विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिसमें अब तक लगभग ₹35 लाख खर्च हो चुके हैं. इसके बावजूद उसका पति पूरी तरह से बिस्तर पर है और शारीरिक संचालन में असमर्थ है. इस भीषण विपत्ति में खदान मालिकों या ठेकेदार द्वारा कोई भी आर्थिक मदद या इलाज में सहयोग नहीं दिया गया.
हादसे और इलाज की प्रक्रिया के बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी खदान मालिकों और ठेकेदार की लापरवाही पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता BNS की धारा 125(a) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है.