फर्शी खदानों के अवैध संचालन की शिकायत, सांसद के निर्देश के बाद भी जांच टीम गांव नहीं पहुंची
राजिम : गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर तहसील के बासिन और बरभाठा गांव में संचालित फर्शी खदानों को लेकर विवाद सामने आया है। कुछ खदानों के अवैध रूप से संचालित होने की शिकायत के बाद मामला दिशा समिति की बैठक में उठा, जहां सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कलेक्टर को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सांसद के निर्देश के बाद कलेक्टर ने राजस्व और माइनिंग विभाग के अधिकारियों की संयुक्त जांच टीम गठित की है। हालांकि, शिकायत के बाद करीब एक माह बीतने के बावजूद जांच टीम के गांव नहीं पहुंचने की बात सामने आई है।
दरअसल, बासिन के पूर्व सरपंच राजू सोनी ने गांव के वर्तमान सरपंच और कुछ कारोबारियों पर सरकारी मद की जमीन पर कब्जा कर वहां फर्शी खदान संचालित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी सांसद को दी।
वहीं, सरपंच परिवार की ओर से उनके पुत्र रेवा ओगरे ने लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच होती है तो परिवार की ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि सांसद के निर्देश के बाद गठित संयुक्त टीम आखिर गांव पहुंचकर जांच कब शुरू करती है और जांच में खदानों के संचालन को लेकर क्या स्थिति सामने आती है।