रियासत कॉलोनी के रानी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
रियासत कॉलोनी : रियासतकालीन रानी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। रानी मंदिर के साथ भाई साहब मंदिर और जगन्नाथ मंदिर में भी विशेष साज-सज्जा की गई, जिसकी मनमोहक छटा श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही।
रियासतकालीन रानी मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव की अपनी विशेष परंपरा रही है। मंदिर समिति के संरक्षक एवं राज परिवार के सदस्य लाल जी के वैष्णव के मार्गदर्शन में समिति के सदस्य नीलेश सिंह, सचिन महोबिया, दादू महोबिया सहित अन्य सदस्यों और स्वयंसेवकों ने आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाई।
शुक्रवार की मध्यरात्रि 12 बजे मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस दौरान लड्डू गोपाल और बाल गोपाल की प्रतिमा का पंचामृत एवं पवित्र जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को सुंदर वस्त्र और आभूषणों से सजाया गया और माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी तथा विभिन्न फलों का महाभोग अर्पित किया गया।
जन्मोत्सव के दौरान देर रात तक मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। भगवान श्रीकृष्ण के लिए विशेष दरबार सजाया गया था। फूलों, तोरण, पत्र, गुब्बारों और रंग-बिरंगी सजावट से मंदिर परिसर को आकर्षक रूप दिया गया। भजनों पर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूमते और नृत्य करते नजर आए। जन्मोत्सव के बाद आतिशबाजी की गई और श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसादी का वितरण किया गया।
आयोजन को लेकर मंदिर समिति के सदस्य और स्वयंसेवक कई दिनों से तैयारियों में जुटे हुए थे। मंदिर की साज-सज्जा से लेकर पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं तक विभिन्न जिम्मेदारियां संभाली गईं। जन्मोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
वहीं जन्माष्टमी पर्व को लेकर बाजार में भी खास रौनक देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के वस्त्र-आभूषणों की जमकर खरीदारी की। बाजार में पीतल के लड्डू गोपाल, झूले, रंग-बिरंगी पोशाक, मोर पंख, मुकुट, मुरली, लकड़ी और धातु के हिंडोले, बिछौने, मालाएं, भगवान के चित्र सहित पूजा सामग्री की बिक्री हुई। बच्चों के लिए राधा-कृष्ण की पोशाक के साथ माखन-मिश्री, खोवा, मिठाई और फल-फूल की भी लोगों ने खरीदारी की।
इस तरह रियासतकालीन रानी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा।