सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व की समस्याओं को लेकर वन मंत्री से मिले संघर्ष समिति के प्रतिनिधि
धमतरी/नगरी : नगरी-सिहावा के सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं, वनाधिकार से जुड़े मामलों और विस्थापन की चिंताओं को लेकर जंगल-जमीन संघर्ष समिति सीतानदी-उदंती के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों की जमीनी समस्याओं और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को मंत्री के सामने रखा।
स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं पादप औषधीय बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों की मांगों से संबंधित विस्तृत आवेदन मंत्री को सौंपा। समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि सीतानदी-उदंती क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान किए जाने की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि क्षेत्र के कई गांवों में सड़क, पुल-पुलिया और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा के जरूरी कामों में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बैठक के दौरान वनाधिकार से जुड़े मामलों और विस्थापन संबंधी चिंताओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों की योजना बनाते समय ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों और उनके अधिकारों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
वन मंत्री ने दिया जल्द क्षेत्र का दौरा करने का आश्वासन
वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि “नियमानुसार जो भी बेहतर होगा, उन कार्यों को अवश्य करेंगे।” मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही नगरी-सिहावा क्षेत्र में स्वयं पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू होंगे और उनके निराकरण के लिए उचित पहल की जाएगी।
मंत्री के इस आश्वासन के बाद संघर्ष समिति और ग्रामीणों में लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान तथा क्षेत्र में जरूरी विकास कार्यों को लेकर उम्मीद जगी है।