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महासमुंद : मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत अधिक से अधिक संरचना निर्माण करने के निर्देश

भारत सरकार द्वारा संचालित मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत जिले में अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। जिससे जल संवर्धन, जल संरक्षण और गिरत भू-जल स्तर को स्थिरता और बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय और ग्रीष्म काल में पानी की समस्या से निजात पाने के लिए यह व्यापक महाभियान जनभागीदारी के माध्यम से चलाया जाएगा। 

शासकीय संस्थाओं के अलावा निजी संस्थाओं, गैर सरकारी संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा। जल स्त्रोतों के किसान सबसे संरक्षक होते है। अतः उन्हें भी अपने खेतों में सोख्ता गड्ढा, डबरी, कुंआ बनाने के प्रोत्साहित किया जाएगा।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में मोर गांव मोर पानी अभियान की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय, जिला पंचायत हेमंत नंदनवार सहित जल संसाधन, पीएचई, कृषि, भूमि संरक्षण एवं सभी जनपद पंचायत के सीईओ मौजूद थे।

कलेक्टर ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक जन भागीदारी को बढ़ाएं और इसे एक जन आंदोलन का रूप दें। जिला पंचायत सीईओ नंदनवार ने बताया कि जनपद पंचायतों के अंतर्गत सभी 551 ग्राम पंचायतों में सोख्ता गड्ढा का निर्माण किया जाएगा। नरेगा के माध्यम से ऐसे कार्य स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। 

उन्होंने कहा कि नरेगा अंतर्गत निजी डबरी के एक हजार , तालाब गहरीकरण 500, तालाब खनन 250 और कुआं खनन 450 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल संरक्षण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कार्य है। 

इसी तरह नगरीय प्रशासन को सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने, शासकीय स्कूलों और आंगनवाड़ियों में सोख्ता गड्ढा का निर्माण करने, प्रधानमंत्री आवासों में विभिन्न जल संरचना बनाए जाएंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को अनुपयोगी बोरवेल को पुनः चालू करने के लिए इंजेक्शन वेल का निर्माण करने कहा गया है।

कलेक्टर ने सभी एजेंसियां को 31 मई तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही सभी संरचनाओं का जियो टैग कर पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करने कहा गया है।


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