जल निकायों का सुधार विषय पर कार्यशाला का आयोजन - CG Sandesh

जल निकायों का सुधार विषय पर कार्यशाला का आयोजन

स्वच्छता पखवाड़े के अवसर पर, विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने डॉ. राजीव मणि, सचिव, विधायी विभाग के मार्गदर्शन में 13 अप्रैल 2026 को शास्त्री भवन की चौथी मंजिल स्थित सम्मेलन कक्ष क्रमांक 440-ए में "जल निकायों का सुधार" विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य जल निकायों के संरक्षण और सुधार के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने, जल सुरक्षा बढ़ाने और लगातार विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना था।

कार्यशाला में संयुक्त सचिव गैनीलुंग पानमेई और अतिरिक्त विधायी वकील आर.एस. जयकृष्णन के साथ-साथ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें राजभाषा विभाग (ओ.एल. विंग) और विधि साहित्य प्रकाशन (वीएसपी) के सहयोगी कार्यालय भी शामिल थे।

इंडिया-एड्स (एनजीओ) की ओर से मधुकर स्वयंभू ने एक विशेषज्ञ सत्र प्रस्तुत करते हुए पर्यावरण और जन स्वास्थ्य के लिए जल निकायों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस विषय पर बल दिया कि सुव्यवस्थित जल निकाय पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता को प्रोत्साहन देने, वायु प्रदूषण को कम करने और भूजल को दोबारा भरने में सहायक होते हैं। विशेषज्ञ ने यह भी जानकारी दी कि स्वच्छ जल निकाय हैजा और टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों को रोकते हैं, जबकि उचित रखरखाव मलेरिया और डेंगू जैसी वेक्टर जनित बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद करता है।

संयुक्त सचिव गैनीलुंग पानमेई ने विशेषज्ञ के योगदान की सराहना की और जल निकायों के जीर्णोद्धार और संरक्षण की दिशा में लोगों, समाज और सरकारी नीतियों/ परियोजनाओं की ओर से निरंतर जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।


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CG SANDESH

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