महासमुंद : जिले के असाक्षरों के लिए संचालित उल्लास कार्यक्रम... - CG Sandesh

महासमुंद : जिले के असाक्षरों के लिए संचालित उल्लास कार्यक्रम की कलेक्टर ने की समीक्षा

महासमुंद : ‘‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम‘‘ के सफल क्रियान्वयन के लिए विनय कुमार लंगेह कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 2030 तक सभी युवा, प्रौढ, पुरुष एवं महिलाओं को शत-प्रतिशत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्रदान कराना है। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केन्द्र प्रवर्तित योजना है ‘‘सभी के लिए शिक्षा‘‘ हेतु प्रारंभ की गई है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान कराकर मार्च 2025 मूल्यांकन में शामिल कराएं। इस हेतु बिन्दुवार गतिविधियों में समीक्षा करते हुए पूर्ण साक्षर ग्राम, ग्राम पंचायत, संकुल, विकासखण्ड के लिए सत्यापन समिति गठित करने निर्देश दिए गए। सर्वे अनुसार प्राप्त असाक्षरों में 861 असाक्षर और 48 स्वयंसेवी शिक्षक का उल्लास मोबाइल एप में एन्ट्री शेष है। जिसे संबंधितों को शीघ्र पूर्ण करने निर्देश दिया गया।

महासमुन्द जिला के महासमुंद, बागबाहरा और पिथौरा विकासखण्ड में कमार जाति के शिक्षार्थियों के उल्लास साक्षरता केन्द्र संचालन के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग को जिम्मेदारी दी गई।

उक्त अवसर पर रवि साहू अपर कलेक्टर, समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जिला महासमुन्द, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जिला, एम आर सावंत जिला शिक्षा अधिकारी, शिल्पा साय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, रेखराज शर्मा जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण, कमल नारायण चन्द्राकर डीएमसी समग्र शिक्षा सहित जिले के समस्त विभाग के विभाग प्रमुख एवं विकासखण्ड में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड परियोजना अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक, समस्त नोडल अधिकारी उल्लास कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित थे।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें