पिथौरा : बीईओ को चेतावनी, प्रधानपाठक का एक वेतनवृद्धि संचयी ... - CG Sandesh

पिथौरा : बीईओ को चेतावनी, प्रधानपाठक का एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने का आदेश।

शासन द्वारा अवकाश घोषित दिवस में प्रधानपाठक ने मध्यान्ह भोजन योजना संचालित होना बताया व बच्चो की उपस्थिति भी बकायदा प्रपत्र में चढा दिया। इस शिकायत में जांच किया गया। जांच उपरान्त संभागीय संयुक्त संचालक ने बीईओ पिथौरा को चेतावनी दिया। वही प्रधानपाठक का आगामी एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है।

आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने सूचना का अधिकार के तहत समस्त सूचना दस्तावेज एकत्र करके श्रीमती दिव्या मिश्रा(आइएएस) संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ एवं राकेश पांडेय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर को 17 अप्रैल 2024 को शिकायत करके उच्च स्तरीय जांच करके कार्यवाही की मांग किया।

बताना जरूरी है कि शासन के आदेश से 25 जनवरी 2024 को अवकाश घोषित किया गया था। लेकिन शासकीय प्राथमिक शाला कुम्हारडीपा के प्रधानपाठक घनश्याम पटेल ने मध्यान्ह भोजन योजना संचालित होना बताकर 27 बच्चो की उपस्थिति दर्शा दिया। मासिक रिपोर्ट प्रपत्र में जब उक्त दिवस में बच्चो की उपस्थिति को देख करके बीईओ पिथौरा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। लेकिन मामले में लीपापोती करके बीईओ ने प्रकरण का पटाक्षेप कर दिया था।

दिलचस्प तथ्य यह है कि जनवरी माह का मासिक प्रपत्र रिपोर्ट के आधार पर ही प्रधानपाठक को पहले नोटिस मिला। लेकिन बाद में उक्त मासिक प्रपत्र रिपोर्ट को ही बदल दिया गया। प्रधानपाठक ने नोटिस के जबाब में स्वयं की गलती को स्वीकार भी किया है। मानवीय भूल बताया। जो संतोषजनक जबाब नही है। क्योकि श्रीपटेल पेशे से शिक्षक है। वेे शिक्षित व जानकार व्यक्ति है। जो यह भलीभाति जानता है कि उक्त दिवस अवकाश घोषित था।

संभागीय संयुक्त संचालक ने पाया कि घनश्याम पटेल का उक्त कृत्य कर्तव्य के प्रति लापरवाही को प्रदर्शित करता है। जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा(आचरण) नियम 1965 के नियम 3(दो) के प्रतिकूल है। इस कारण से घनश्याम पटेल शासकीय प्राथमिक शाला कुम्हारडीपा का आगामी एक वार्षिक वेतनवृद्वि संचयी प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है। वही के.के. ठाकुर बीईओ पिथौरा को स्पष्ट चेतावनी दिया कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति ना हो।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें