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शराब घोटाला : 7 दिन के लिए ईडी की सशर्त रिमांड पर गए पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा

रायपुर। एसीबी कोर्ट ने EOW के आवेदन के बाद सेंट्रल जेल में बंद अनिल टुटेजा को EOW को 7 दिन की सशर्त रिमांड पर सौंप दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के कारण ईओडब्लू ने इस मामले में उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया था। बता दें कि, 20 अगस्त को हाईकोर्ट ने शराब घोटाला मामले में ईडी और ईओडब्लू के विरुध्द दायर सभी याचिकाओं को ख़ारिज किया था। हाईकोर्ट के इस फ़ैसले के साथ ही यह क़रीब क़रीब तय था कि, अब ईओडब्लू अनिल टुटेजा के हिरासत में लेगी।

ईओडब्लू को करना होगा 6 शर्तों का पालन

ईओडब्लू की ओर से शराब घोटाला मामले में दर्ज एफ़आइआर (04/2024) जिसमें धारा 420,467,468,471,384,120 बी और धारा 7,12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रभावी है, उस मामले में अनिल टुटेजा को गिरफ़्तार करने की अनुमति कोर्ट से माँगी। शराब घोटाला मामले में ही ईडी के द्वारा गिरफ़्तार टुटेजा केंद्रीय जेल रायपुर में निरुद्ध हैं। उन्हें प्रोडक्शन वारंट के ज़रिए कोर्ट में पेश किया गया। ईओडब्लू की ओर से रिमांड माँगे जाने के पहले ही अनिल टुटेजा के वकील एस के फ़रहान ने प्रोडक्शन वारंट जारी कर गिरफ़्तारी करने पर कोर्ट के समक्ष आपत्ति की। एसीबी स्पेशल कोर्ट ने अनिल टुटेजा को सशर्त ईओडब्लू को रिमांड पर सौंपा है। कोर्ट ने ईओडब्लू को 6 शर्तों का पालन करने कहा है। इनमें आरोपी के मानवाधिकारों की रक्षा करने,दुर्व्यवहार या मारपीट या शारीरिक प्रताड़ना न देने, और टुटेजा के अधिवक्ताओं से गरिमापूर्ण व्यवहार रखने की शर्तें शामिल हैं।



परिजनों से मुलाक़ात और दवाई मुहैया कराने की अनुमति

अनिल टुटेजा की ओर से उनके अधिवक्ता एस के फरहान ने रिमांड अवधि में समुचित दवाएं और ईलाज मुहैया कराने तथा परिजनों से मिलने की अनुमति देने की याचना की। अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया है।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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