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कांग्रेस सरकार गेम चेंजर थी साय सरकार नेम चेंजर, गेड़ी नहीं चढ़ पाए सीएम- भूपेश

रायपुर।  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकारी आवास में हरेली तिहार का आयोजन हुआ। सरकारी आवास को छत्तीसगढ़ के संस्कृति के रूप में सजाया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहपरिवार हरेली पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान कृषि कार्य में उपयोग किए जाने वाले औजार, हल, रापा कुदाली की पूजा किया गया परंपरा अनुसार बैल की पूजा कर उन्हें लोंदी खिलाया गया।

हरेली पूजन कार्यक्रम में सांस्कृतिक आयोजन हुआ प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायको ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में प्रदेश भर से लोग शामिल हुए इस दौरान भूपेश बघेल को खुमरी और हल भेंट कर उनका स्वागत किया गया। भूपेश बघेल गेडी चढ़े एवं भंवरा चलाये। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार गेम चेंजर थी भाजपा की सरकार नेम चेंजर है कांग्रेस सरकार की योजनाओं का नाम बदलकर अपनी पीठ थपथपा रही है।



गोठनों में ताला लगा दिया गया है और पशुधन को बांग्लादेश सऊदी अरब पाकिस्तान भेजने के लिए नियम बना दिए हैं। ग्राम पंचायत को अधिकार है कि गोठान में लगे ताला को खोलकर पशुधन को वहां रखें। यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला है उन्हें कोई नहीं रोक सकता। गोठान को बंद करने का दुष्परिणाम है पशुधन की मौत दुर्घटना में हो रही है।

रोका छेका का कार्यक्रम को बंद कर दिया गया है। महिला स्वसहायता  समूह को पूर्व की तरह गोठानों का संचालन करना चाहिए गोबर से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाकर बेचना चाहिए इससे किसानों को भी लाभ होगा और महिला स्वसहायता समूह को भी आर्थिक लाभ होगा। पशुधन को भी संरक्षण मिलेगा। भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री पर तंज सकते हुए कहा कि गेड़ी नहीं चढ़ पाए कम से कम दो लोगों को पकड़ कर फोटो तो खींचा लेते।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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