आज का पंचांग 02 अगस्त 2024: शुक्रवार का पंचांग, शुभ मुहूर्त ... - CG Sandesh

आज का पंचांग 02 अगस्त 2024: शुक्रवार का पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

02 August 2024 Ka Panchang: 2 अगस्त को श्रावण कृष्ण पक्ष की उदया तिथि त्रयोदशी और शुक्रवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि शुक्रवार दोपहर बाद 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। 2 अगस्त को दोपहर पहले 11 बजकर 45 मिनट तक हर्षण योग रहेगा। साथ ही शुक्रवार सुबह 10 बजकर 59 मिनट तक आर्द्रा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 2 अगस्त को मासिक शिवरात्रि व्रत है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए शुक्रवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

आज का चौघड़िया (Aaj ka Chaughadia)
सुबह 07:48 से 08:58 तक अमृत
सुबह 08:58 से 10:58 तक चंचल
सुबह 10:57 से 12:57 तक चंचल
दोपहर 12:57 से 02:57 तक अमृत
दोपहर 02:57 से 07:57 तक लाभ
शाम 07:58 से 09:58 तक लाभ
रात 09:58 से 11:58 तक अमृत


02 अगस्त 2024 का शुभ मुहूर्त
  • श्रावण कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि- 02 अगस्त 2024 को दोपहर बाद 3 बजकर 27 मिनट तक
  • हर्षण योग- 02 अगस्त 2024 को दोपहर पहले 11 बजकर 45 मिनट तक
  • आर्द्रा नक्षत्र- 02 अगस्त 2024 को सुबह 10 बजकर 59 मिनट तक
  • 02 अगस्त 2024 व्रत-त्यौहार- मासिक शिवरात्रि

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 तक
  • मुंबई- दोपहर पहले 11:07 से दोपहर 12:44 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 10:46 से दोपहर 12:28 तक
  • लखनऊ- सुबह 10:32 से दोपहर 12:12 तक
  • भोपाल- सुबह 10:47 से दोपहर 12:26 तक
  • कोलकाता- सुबह 10:04 से दोपहर पहले 11:42 तक
  • अहमदाबाद- दोपहर पहले 11:06 से दोपहर 12:45 तक
  • चेन्नई- सुबह 10:40 से दोपहर 12:15 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय- सुबह 5:43 am
  • सूर्यास्त- शाम 7:10 pm
 


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें