आज का इतिहास : आज ही के दिन देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरला... - CG Sandesh

आज का इतिहास : आज ही के दिन देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का हुआ था निधन

इतिहास एक दिन में नहीं बनता, लेकिन किसी एक दिन की बड़ी घटना इतिहास में एक बड़ा मोड़ ले आती है। आज 27 मई का यह दिन कहने को तो साल के बाकी दिनों की तरह एक साधारण सा 24 घंटे का दिन ही है, लेकिन इस दिन के नाम पर इतिहास की कई बड़ी घटनाएं दर्ज हैं। भारत के इतिहास की बात करें, तो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का निधन आज ही के दिन हुआ था। इसके अलावा महात्मा गांधी की हत्या का मुकदमा भी आज ही शुरू हुआ था।



देश और दुनिया के इतिहास में 21 मई की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-

1703 : सेंट पीटर्सबर्ग की स्थापना। रूस के इतिहास में इस शहर का खास महत्व है और इसे 1917 की महान रूसी क्रांति के गवाह के तौर पर विशेष पहचान मिली।

1813 : अमेरिका ने फोर्ट जॉर्ज, कनाडा पर कब्जा किया।

1895 : ब्रिटिश आविष्कारक बर्ट एक्रेस ने फिल्म कैमरा/प्रोजेक्टर का पेटेंट कराया।

1908 : मौलाना हकीम नुरूद्दीन अहमदिया मुस्लिम समुदाय के पहले खलीफा बने।

1921 : ब्रिटेन के नियंत्रण के 84 बरस बाद अफगानिस्तान को संप्रभुता मिली।

1927 : चीन के गृह युद्ध में जापानी सेना का दखल।

1941 : जर्मन जंगी जहाज बिस्मार्क को ब्रिटिश नौसेना ने डुबोया।

1948 : महात्मा गांधी की हत्या का मुकदमा शुरू।

1951 : बम्बई (अब मुंबई) में तारापोरवाला मछली घर का उद्घाटन। आज यह मछलियों के एक बड़े संग्रह के तौर पर विख्यात है। यहां देश दुनिया की बहुत सी प्रजातियों की मछलियां और अन्य समुद्री जीव रखे गए हैं।

1957 : कॉपीराइट विधेयक को मंजूरी दी गई। इसे 21 जनवरी 1958 को लागू किया गया।

1964 : आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन।

1977 : पैन एम और केएलएम के दो विमान टकराए, 582 लोगों की मौत।

1980 : दक्षिण कोरियाई पुलिस ने जन आंदोलन को कुचला, 2000 लोगों की मौत।

1991 : ऑस्ट्रिया के बोइंग विमान



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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