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ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में ACB/EOW ने 29 ठिकानों पर मारा छापा,सीएम साय ने कहा- दोषियों पर सख्ती से होगी कार्रवाई

रायपुर। ACB/EOW ने आज महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में छत्तीसगढ़ में 29 ठिकानों पर छापा मारा. दुर्ग में 18, रायपुर में 7, बलौदाबाजर में 2, रायगढ़ में 1 और कांकेर में 1 जगह छापामार कार्रवाई की गई. ईओडब्ल्यू के मुताबिक, छापे में महादेव सट्टा ऐप से संबंधित दस्तावेज, हवाला संबंधी पर्चियां और बैंक संबंधित कागजात समेत बड़ी मात्रा में संदेहास्पद दस्तावेज मिला है. महादेव सट्टा एप ममाले पर हो रही कार्रवाई को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, छत्तीसगढ़ में अनेक मामले चल रहे हैं. सबकी जांच हो रही है. जो भी दोषी है सभी पर सख्ती से कार्रवाई होगी.

भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रहे हैं. ईओडब्ल्यू ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि महादेव एप मामले में राज्य के 29 जगहों में छापा मारा गया. ब्यूरो की टीमों ने आज तड़के दुर्ग में 18 स्थानों पर, रायपुर में 07, बलौदाबाजार में 02, रायगढ़ एवं कांकेर 1-1 स्थान पर कुल 29 स्थानों एवं उनसे संबंधित प्रतिष्ठान्नों पर छापे की कार्रवाई की गई. तलाशी में महादेव ऐप से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, हवाला से संबंधित पर्चियां, बैंकों से सबंधित कागजात एवं अन्य संदेहास्पद दस्तावेज बरामद हुए, जिनका परीक्षण किया जा रहा है.

 


ईओडब्ल्यू ने बताया, लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी अर्जुन सिंह यादव को पचमढ़ी में लोकेट कर पूछताछ के लिए ब्यूरो लाया गया, जिसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया. इस आरोपी से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का परीक्षण किया जा रहा है. इसी मामले में आज 03 आरोपियों चन्द्रभूषण वर्मा, सतीश चन्द्राकर एवं सुनील दम्मानी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया. इस मामले में ही गिरफ्तार आरोपी अमित अग्रवाल को भी आज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां 14 मई तक के लिए उनकी पुलिस रिमांड बढ़ाई गई. महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामले में EOW ने चारामा, कांकेर में हवलदार विजय पाण्डेय के बंगले को सील कर दिया है. विशेष न्यायालय रायपुर ने उनके मकान की तलाशी का वारंट 30 अप्रैल को जारी किया था. आज सर्च टीम ने गवाहों के सामने उनके घर को सील किया.



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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