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दिल्ली आबकारी नीति मामला: BRS नेता के. कविता को कोर्ट से नहीं मिली राहत, 9 अप्रैल तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

नेशनल न्यूज़। दिल्ली की एक अदालत ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता को दिल्ली आबकारी नीति संबंधी कथित घोटाले से जुड़े मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कविता से पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने का अनुरोध नहीं किया जिसके बाद विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने यह आदेश पारित किया।

बीआरएस नेता को 16 मार्च को सात दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजा गया था और इसे पिछले शनिवार को तीन दिन के लिए बढ़ा दिया गया था। सुनवाई के दौरान बीआरएस नेता कविता के वकील नीतेश राणा ने अदालत से अपनी मुवक्किल के बेटे की परीक्षा के आधार पर उन्हें अंतरिम जमानत दिए जाने का अनुरोध किया। ईडी के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अगर अंतरिम जमानत पर विचार किया भी जाना है तो जवाब दाखिल करने का अवसर दिया जाना चाहिए।


100 करोड़ की रिश्वत देने का आरोप
ईडी ने रेखांकित किया कि अंतरिम और नियमित जमानत दोनों के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कड़े प्रावधान हैं। ईडी ने आरोप लगाया है कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी कविता उस ‘साउथ ग्रुप’ की अहम सदस्य थीं, जिस पर राष्ट्रीय राजधानी में शराब लाइसेंस के बदले में ‘आप’ को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप है।

15 मार्च को हुई थी गिरफ्तार
कविता (46) को केंद्रीय जांच एजेंसी ने 15 मार्च को गिरफ्तार किया था। कविता के वकील ने पीएमएलए के प्रावधानों 19 (2) के तहत सीलबंद कवर में एजेंसी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को देखने की भी अनुमति मांगी। प्रावधान के अनुसार, गिरफ्तारी के तुरंत बाद संबंधित प्राधिकारियों को गिरफ्तारी आदेश को अपने पास मौजूद सामग्री के साथ अदालत को भेजना होता है।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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