किसान आंदोलन के चौथे दिन भी राहत नहीं, GRP के SI की मौत, हाई... - CG Sandesh

किसान आंदोलन के चौथे दिन भी राहत नहीं, GRP के SI की मौत, हाईवे ब्लॉक

नई दिल्ली। किसान आंदोलन का मामला अब गरमाने लगा है। आंदोलन के चौथे दिन भी राहत नहीं मिल पाई है। जहां एक ओर संयुक्त किसान मोर्चा और मजदूर संघ ने आज ग्रामीण भारत बंद बुलाया है, तो दूसरी ओर हरियाणा,पंजाब और दिल्ली बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबल तैनात है। आंदोलन के कारण एक GRP के SI की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार किसानों के दिल्ली कूच के दौरान अंबाला कैंट में तैनात पानीपत GRP के SI हीरालाल की मौत हो गई। इसकी वजह आंसू गैस के गोले से दम घुटना बताई जा रही है। सब इंस्पेक्टर हीरालाल मूलरूप से सोनीपत के खरखौदा गांव का है जोकि पानीपत में रहता है। परिजनों ने बताया कि हीरालाल को तीन-चार तीन पहले समालखा चौकी से अंबाला भेजा गया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।


चार दिन से जारी है किसानों का आंदोलन

केंद्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर किसान आंदोलन करने को उतर आए है। दिल्ली में सीमाएं पूरी तरह सील है। फिर भी किसान आंदोलन में अपनी पूरी ताकत लगा रहे है। दिल्ली,पंजाब और हरियाणा बॉर्डर में किसान आंदोलन का अलग-अलग रूप देखने को मील रहा है। बता दें कि किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली कूच ला एलान किया था। आज आंदोलन का चौथा दिन है लेकिन किसान अपने मांगों से पीछे नहीं हेट है। किसानों ने केंद्रीय मंत्रियों से बैठक भी की लेकिन अबतक बात नहीं बन पाई है।

किसानों ने बुलाया भारत बंद

संयुक्त किसान मोर्चा और मजदूर संघ ने आज ग्रामीण भारत बंद बुलाया है। इसमें गांवों में दुकानें बंद करने और किसानों के खेतों में काम न करने को कहा गया है। हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में बाजार बंद हैं। रोडवेज की बसें नहीं चल रही हैं। राजस्थान में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का असर है। BKU (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं ने हरियाणा के कई टोल नाकों को 3 घंटे के लिए फ्री कराया।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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