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बजट : 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा, देश से भ्रष्टाचार, भाई-भतिजावाद को खत्म कर दिया है

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘हर घर जल, सभी के बिजली, गैस, वित्तीय सेवाएं और बैंक अकाउंट खोलने के लिए काम किया है| खाद्यान्न की चिंताओं को दूर किया है। 80 करोड़ लोगों को निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया है। मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ी है। 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा। हम लोगों को सशक्त बनाने का काम कर रहे हैं। हमने भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को खत्म किया है।’

 


वित्तमंत्री ने कहा- हम सबका साथ, सबका विश्वास और सबके प्रयास के मंत्र से आगे बढ़े
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। निर्मला ने कहा, देश की जनता भविष्य की तरफ देख रहे हैं। वे आशान्वित हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में हम आगे बढ़ रहे हैं। जब पीएम मोदी ने 2014 में काम शुरू किया तब बहुत ज्यादा चुनौतियां थीं। जनता के हित में काम शुरू किए हैं। जनता को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर दिए हैं। देश में नया उद्देश्य और उम्मीद जगी है। जनता ने हमें दूसरी बार सरकार में चुना। हमने व्यापक विकास की बात की। सबका साथ, सबका विश्वास और सबके प्रयास के मंत्र से आगे बढ़े।

सीतारमण के बजट की 3 खास बातें

  • स्किल इंडिया मिशन में 1.4 युवाओं को ट्रेंड किया गया। 3000 नए आईटीआई बनाए गए।

हम सबका साथ, सबका विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा काम में सेक्युलिज्म रखने पर जोर है। हमारा गरीब को एम्पॉवर्ड करने पर जोर है।

  • बीते सालो में सरकार 25 करोड़ लोगों की गरीबी दूर करने में कामयाब रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य सामाजिक न्याय कायम करना है। सरकार सर्वांगीण और सर्वसमावेशी विकास के लिए काम कर रही है।


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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