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शर्मनाक : मासूम बच्ची की मौत पर पुलिस ने पीड़ित को डराकर वसूले पैसे,मामला सामने आया तो SP ने तत्काल किया सस्पेंड….

 बलरामपुर । बलरामपुर जिला में खाकी को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। यहां एक बीमार नवजात बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने परिवार वालों को डरा धमकाकर 9 हजार रूपये की रिश्वत वसूल लिया। बताया जा रहा है कि बच्ची की मौत हार्ट अटैक से हुई थी, बावजूद इसके पुलिस बच्ची की मां को ही मौत का जिम्मेदार बताकर 20 हजार रूपये की मांग कर रहे थे। घटना की जानकारी के बाद एसपी लाल उमेंद सिंह ने दोषी एएसआई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

मानवता को शर्मसार करने वाला ये मामला बलरामपुर जिला क रघुनाथ नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बेतो में संतोष कुशवाहा का परिवार निवास करता है। संतोष की दो माह की नवजात बच्ची का नवंबर 2023 में अचानक तबियत खराब हो गया था। बच्ची को उपचार के लिए परिजनों ने सिविल अस्पताल वाड्रफनगर में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। उपचार के दौरान बच्ची की मौत की सूचना सूचना पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया था, जिसमें बच्ची की मौत हार्ट अटैक से होने की रिपोर्ट दी गयी थी। पीएम रिपोर्ट और केस डायरी कोअग्रिम जांच के लिए वाड्रफनगर से रघुनाथनगर थाने भेजा गया था।


यहां पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद भी रघुनाथनगर थाने के एएसआइ जुबलिन कुजूर को नियत बदल गयी। उसने थाने में पदस्थ नगर सैनिक आशुतोष उपाध्याय के साथ मिलकर पीड़ित परिवार को ही डराना-धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि नगर सैनिक पीड़ित संतोष के घर पहुंच गया। उसने मां को ही बच्चे की मौत का जिम्मेदार बताते हुए डराया जाने लगा। मामला खत्म करने के लिए 20 हजार रूपये की मांग की गयी थी। रुपये नहीं देने पर संतोष की पत्नी पर कानूनी कार्रवाई करने का भय दिखाया गया। पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने पैसे देने से जब मना किया तब नगर सैनिक जांच अधिकारी एएसआई जुबलिन कुजूर को लेकर पीड़ित परिवार के घर पहुंच गया। साथ ही थाने में बुलाकर दोबारा 20 हजार रुपए की मांग की गई। इसके बाद संतोष के पिता ने 20 जनवरी को पहली किस्त के रूप में 9 हजार रुपये दिए थे।

इसके बाद बचे हुए 11 हजार रुपये अगले दिन देने की तैयारी थी। जिसके बाद ही उन्हें थाने से जाने दिया गया। पुलिस की इस शर्मनाक करतूत की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया में वायरल हो गयी। एसपी लाल उमेंद सिंह ने तत्काल इस प्रकरण में संज्ञान लेकर जांच का आदेश दिया गया। उधर मामले का खुलासा होने पर एएसआई रिश्वत की रकम पीड़ित संतोष के पिता को वापस कर करने पहुंच गया। इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए बलरामपुर एसपी डाॅ.लाल उमेद सिंह ने एएसआइ जुबलिन कुजूर को निलंबित कर दिया है। बलरामपुर के एडिशनल एसपी चंद्रेश सिंह ठाकुर ने बताया कि मीडिया में सामने आई खबरों के आधार पर एसपी ने निलंबन की कार्रवाई की है। प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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