सरायपाली : शासकीय प्राथमिक शाला कसडोल में जादुई पिटारा सह हस... - CG Sandesh

सरायपाली : शासकीय प्राथमिक शाला कसडोल में जादुई पिटारा सह हस्तनिर्मित पुस्तिका का विमोचन किया गया

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत फाऊंडेशनल स्टेज के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करना है। इसके तहत खेल-खिलौने आधारित शिक्षण पर जोर दिया गया है। विकासखंड सरायपाली के शासकीय प्राथमिक शाला - कसडोल में सर्वप्रथम जादुई पिटारा का विमोचन सरायपाली विकासखंड के शिक्षा अधिकारी प्रकाशचंद्र मांझी, सहा. विकास खंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र रावल एवं विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक समग्र शिक्षा सतीश स्वरूप पटेल,प्रधान पाठक क्रांति कुमार सतपथी के कर कमलों से जादुई पिटारा का विमोचन कार्य संपन्न हुआ।

जादुई पिटारा के खेल-खिलौना को देखकर बच्चे बड़े उत्साहित नजर आए और बड़े रोचक ढंग से गतिविधियों में भाग लिया। जादुई पिटारा के संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा बताया गया की जादुई पिटारा बच्चों के तीन विकासात्मक लक्ष्य पर ध्यान रखकर बनाया गया है। प्रत्येक स्कूलों में इस तरह के पिटारा का निर्माण किया जाना चाहिए।

बीआरसीसी सतीश स्वरूप पटेल द्वारा शिक्षा विभाग के तहत चलाए जा रहे अन्य योजनाओं से अवगत कराया तथा बहुभाषा शिक्षण और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी उन्होंने जोर दिया। शासकीय प्राथमिक शाला कसडोल में हस्तनिर्मित बांस के खिलौना, मिट्टी के खिलौने, लकड़ी के खिलौनों का प्रदर्शनी रखा गया था।छात्रों द्वारा निर्मित हस्तपुस्तिका, विज्ञान के प्रयोग एवं कबाड़ से जुगाड़ के 50 से अधिक टीएलएम का प्रदर्शन किया गया।

आज "सुरक्षित शनिवार" के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन के लिए मॉकड्रिल का प्रदर्शन विकासखण्ड सरायपाली के मास्टर ट्रेनर शैलेंद्र नायक व्याख्याता, शास. उ. मा. वि.- केना द्वारा बच्चों को सुव्यवस्थित ढंग से आगजनी में आग बुझाने का मॉकड्रिल कराया गया। आपदा और उनसे बचाव पर बच्चों से चर्चा की और महत्वपूर्ण सावधानियों के संबंध में विस्तार से बताया। समस्त अधिकारियों एवं पालकों, शिक्षकों तथा बच्चों को विशेष रूप से बकेट्स-चैन विधि का प्रायोगिक प्रदर्शन करके दिखाया गया। शैलेन्द्र नायक ने बताया कि आग बुझाने के लिए बाल्टी और चेन विधि सबसे अच्छा तब काम करती है, जब आपके पास स्वयंसेवकों की एक टीम उपलब्ध हो। स्वयंसेवक जल स्रोत से अग्नि बिंदु तक एक श्रृंखला बनाते हैं। बाल्टियों को लगातार एक हाथ से दूसरे हाथ में घुमाकर पानी या रेत वाली बाल्टियों का रिले चलाया जा सकता है।
     
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संकुल केंद्र किसड़ी के समन्वयक नेहरू लाल चौधरी,समन्वयक सुशील चौधरी ,राजेश पटेल,ब्लॉक नोडल कबाड़ से जुगाड़ दुर्वादल दीप,प्रधानपाठक प्रा.शा.कसडोल अंजू पटेल, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला खपरीडीह निर्मल कुमार पुरोहित, उच्च प्राथमिक शाला प्रधान पाठक सुरेंद्र भोई, शासकीय प्राथमिक शाला किसड़ी के प्रधान पाठक जगदीश लाल भोई ,शासकीय उच्च प्राथमिक शाला किसड़ी स्वराज प्रधान , अनीश पंडा, रूपधर कलेत एवं शासकीय प्राथमिक शाला सराईपतेरा प्रधान पाठक मंगल साहू एवं उच्च प्राथमिक शाला सलडीह मनोहर मेहेर, अलका कुजूर ,शासकीय प्राथमिक शाला सलडीह लीलामन नेताम,शांतिभूषण भोई,अनिल कुमार चौधरी,अंजलिना नंद,प्रदीप कुमार रथ जी जन भागीदारी समिति शासकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शाला कसडोल के सदस्य गण एवं संकुल के सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कसडोल के सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


अन्य सम्बंधित खबरें