डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है सबसे बड़ा जिला अस्पताल - CG Sandesh

डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है सबसे बड़ा जिला अस्पताल

  बालोद। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से करोड़ों की लागत से सर्वसुविधायुक्त जिला अस्पताल का निमार्ण कराया गया है। लेकिन अस्पला में मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डाक्टरों की भारी कमी है। जिसके कारण अस्पताल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। जिला अस्पताल में दो साल से चिकित्सकों की कमी है जिसके चलते मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। परेशान होकर परिजनों द्वारा मरीज को रिफर करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सर्वसुविधा युक्त यह अस्पताल रेफर सेंटर बन कर रह गया है। हर छोटे केस रेफर हो रहे हैं, जिससे मरीजों के परिजन परेशान है।


रिक्त पदों पर नहीं हो सकी भर्ती
पूर्व शासन काल में चिकित्सकों के रिक्त पदों पर भर्ती नहीं हो सकी। अब प्रदेश में भाजपा की नई सरकार से उम्मीदें बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल में इन दिनों सबसे ज्यादा जरूरत स्त्रीरोग विशेषज्ञ व निश्चेतना रोग विशेषज्ञ की है। वर्तमान में जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के 21 पद रिक्त हैं। नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जिले की जनता को उम्मीद है कि वे अस्पतालों में चिकित्सकों की भर्ती पर विशेष ध्यान देंगे। स्वास्थ्य विभाग ने कलेक्टर को दी जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने कलेक्टर को हाल ही में इसकी जानकारी भी दी है। उम्मीद है कि जिला कलेक्टर भी अस्पताल में चिकित्सकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए प्रयास करेंगे।

इन विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त
जिला अस्पताल बालोद में स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, सर्जिकल, नेत्र रोग, निश्चेतना रोग, मेडिकल, रेडियोलॉजिस्ट, नाक, कान, गला रोग, अस्थि रोग, मनोरोग एवं पैथालॉजिस्ट रोग के पद स्वीकृत हैं, जिसमें से नियमित व संविदा मिलाकर मात्र 16 पद भरे हैं और 21 पद रिक्त हैं। हर माह जिला अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग रिक्त पदों पर भर्ती की लगातार मांग कर रहा है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें