करोड़ों कि लागत से बनें ITI भवन में नहीं है बुनियादी सुविधाएं.
शासन-प्रशासन द्वारा महासमुन्द जिले के लिए स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनायें बनाकर उनमें सुविधा देने का दावा भी किया जा रहा है लेकिन क्या ये क्षत्रों के लिए उपयोगी है?
महासमुन्द जिले में सरायपाली से 5 किलोमीटर दूर दर्राभाठा में करोड़ो की लागत से 27 कमरों वाला ITI भवन बनाया गया है लेकिन यहाँ बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं है. इस भवन का लोकार्पण 13 सितम्बर 2016 को सीएम डॉ. रमन सिंह ने अपनें हाथों से किया था. इस इंस्टिट्यूट में तीन विषय संचालित हैं- इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में 21, फिटर में 21 और कोपा में 52 विद्यार्थी अध्यनरत हैं जिसमें केवल कोपा के लिए ही तीन शिक्षक नियुक्त हैं उनमें से एक प्रभारी प्राचार्य है जो उक्त कक्षाएं लेते हैं.
इलेक्ट्रीशियन और फिटर में 4-4 विषय हैं, जिनके लिए शिक्षक ही नहीं हैं, प्रभारी प्राचार्य ही उक्त कक्षाएं लेते हैं. भवन के कुल 27 कमरों में से केवल 4 कमरों में ही कक्षाएं संचालित होती हैं बाकि कमरों में ताला लगा हुआ है.
जिन कमरों में पढाई होती है वहां भी फर्नीचरों का अभाव है. इस कारण विद्यार्थी जमीन में बैठकर पढनें को मजबूर हैं. इतना ही नहीं यहाँ के अतिथि शिक्षकों और सुरक्षाकर्मियों को पिछले 8 माह से वेतन नहीं मिला है.