बसना : दहेज़ प्रताड़ना के मामले में इरफान उर्फ सोनू को न्यायाल... - CG Sandesh

बसना : दहेज़ प्रताड़ना के मामले में इरफान उर्फ सोनू को न्यायालय ने सुनाई एक वर्ष की सजा, हिन्दू संगठनों ने लगाये थे ये आरोप....

बसना न्यायालय ने दहेज प्रताड़ना के एक मामले में आरोपी को एक वर्ष की सजा और हजार रुपये जुर्माना लगाया है. यह मामला बसना थाने में 2016 को दर्ज किया गया था. जिसमे पीड़िता ने अपने पति सहित ससुराल वालों पर दहेज़ की मांग को लेकर मारपीट कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. मामले की पूरी सुनवाई में बसना न्यायालय ने 5 लोगों को दोषी पाया है सभी को सामान एक वर्ष की सजा सुनाई गई है.

दरअसल 12 सितम्बर 2016 को शीबा परवीन ने बसना थाने में अपने पति इरफान उर्फ सोनू सहित देवर इरफान उर्फ मोनू, दानीथ उर्फ ज्ञान, सास रिहाना पति इसरायल और ससुर इसरायल पर दहेज़ प्रताड़ना, मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई थी.

मामले में पीड़िता शीबा ने बताया था कि शादी के 19 मई 2013 को सोनू उर्फ इरफान के साथ बसना में ही हुई थी.  जिसके बाद से ससुराल में उसे प्रताड़ना मिलने लगी. ससुराल से पैसा लाने के लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था, यहाँ तक कि टीव्ही भी नहीं देखने दिया जाता था, तीन दिन तक का बासी खाना खिलाया जाता था.

पीड़िता ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उसे डिलीवरी का पैसा नहीं है कहकर गर्भपात कराने अथवा अपने घर से पैसा लाने को लेकर दवाब बनाया जाता था. इतना ही नही उसे एक बंद कमरे में गैस सिलेंडर का नॉब खोलकर बंद कर दिया था, जहाँ से किसी तरह जान बचाकर शीबा पुलिस के पास पहुंची थी. शिकायत के बाद भी उन्हें धमकी दी जाती थी, शीबा से उसके बेटे को उससे छीनकर 2 लाख रुपये की मांग भी की गई थी.  

दहेज प्रताड़ना के मामले में शीबा को न्याय तो मिल चूका है लेकिन शीबा का पति बिना तलाक अब शादी कर दूसरी महिला के साथ रह रहा है. इसके पहले कोर्ट ने जो सोनू को अपनी पहली पत्नी शीबा के लिए 3000 रुपए प्रति माह भरण पोषण का आदेश दिया था उसका साल भर बीत जाने के बाद पालन नहीं किया जा रहा है. शीबा को जीवन यापन के लिए इधर उधर की ठोकरें खानी पड़ रही है.

इस मामले का मुख्य आरोपी इरफान उर्फ सोनू वही है जिसके विरोध में बसना नगर में हिन्दू संगठनों ने प्रदर्शन किया था. और हिन्दू संगठनों ने लव जिहाद करने के आरोप लगाये थे. जिसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा और सोनू अब अब दूसरी लड़की से साथ शादी कर रह रहा है.

हलाकि शीबा इस दूसरी शादी को गलत बताती है, और कहती है इसका विरोध करने पर सामाजिक दबाव बनाया जाता है, आज मुस्लिम रीती रिवाजों से उन्हें दूर रखा जाता है.

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