ट्रेन हादसे में बड़ा खुलासा :  प्रारंभिक जांच में इंटरलॉकिं... - CG Sandesh

ट्रेन हादसे में बड़ा खुलासा : प्रारंभिक जांच में इंटरलॉकिंग सिस्टम से छेड़छाड़ का पता चला!

बालासोर। ओडिशा के बालासोर में बीते शुक्रवार को हुए ट्रेन हादसे की प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इसी खुलासे की वजह से रेलवे बोर्ड ने पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच की सिफारिश की है।  बालासोर के बहानागा बाजार रेलवे स्टेशन पर हुए भीषण ट्रेन हादसे में पटरियों के इंटरलॉकिंग सिस्टम में छेड़छाड़ किए जाने की आशंका दिख रही है। इन अफसरों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सुराग मिले हैं कि इंटरलॉकिंग सिस्टम में जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है। इसी वजह से जांच का काम पेशेवर एजेंसी यानी सीबीआई से कराने का फैसला लिया गया है।


 इसमें गड़बड़ी की आशंका न के बराबर होती है। जब तक कोई जानबूझकर इसे नहीं छेड़ता, इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता। इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि हादसे की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि क्या गड़बड़ी इंटरलॉकिंग सिस्टम से की गई और इसके पीछे जो लोग हैं, उनका भी पता चल गया है। रेल मंत्री के इस बयान के बाद ही सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश रेलवे बोर्ड ने कर दी थी।

शुक्रवार को कोलकाता के शालीमार स्टेशन से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस को बहानागा बाजार स्टेशन पर अप मेन लाइन से जाने का सिग्नल दिया गया था, लेकिन ट्रेन लूप लाइन पर चली गई और 128 किलोमीटर की तेज रफ्तार से वहां खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। इसके बाद उसके सभी कोच पटरी से उतर गए। पीछे के कोच दूसरी तरफ डाउन मेन लाइन से गुजर रही यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के पीछे के 2 कोच से टकराए थे। जिससे वे भी पटरी से उतर गए थे। इस हादसे में 270 से ज्यादा यात्रियों की जान गई थी। जबकि, 1000 के करीब यात्री घायल हुए थे।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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