किसका होगा कर्नाटक , 13 मई को आएंगे नतीजे... पांच बजे तक 65 ... - CG Sandesh

किसका होगा कर्नाटक , 13 मई को आएंगे नतीजे... पांच बजे तक 65 फीसदी मतदान

कर्नाटक विधानसभा चुनाव की वोटिंग(voting ) खत्म हो गई है। इलेक्शन कमीशन के मुताबिक, 5 बजे तक 65.69% वोट पड़े हैं। कर्नाटक में पहली बार 94,000 से अधिक सीनियर सिटिजन्स और दिव्यांगजनों ने घर से वोट डाला।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह कर्नाटक(karnataka ) के लोगों से विशेषकर युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की। 


मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे ने दावा किया है कि चित्तपुर विधानसभा के चमनूर गांव के एक पोलिंग बूथ में वोटिंग रोक दी गई है। उन्होंने कहा कि यहां के प्रिसाइडिंग ऑफिसर(officer ) लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए उकसा रहे हैं।बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा विधायक तेजस्वी सूर्या ने कहा कि बजरंगबली की जन्मभूमि कर्नाटक 13 मई को सभी सवालों के जवाब दे देगी।

वोटिंग(voting ) के दौरान तीन जगह हिंसा

वोटिंग के दौरान तीन जगह हिंसा हुई। पुलिस(police ) ने बताया कि विजयपुरा के बासवाना बागेवाड़ी तालुक में लोगों ने कुछ EVM और VVPAT मशीनों को तोड़ डाला। पोलिंग अफसरों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। यहां अफवाह उड़ी थी कि अधिकारी मशीनें बदलकर वोटिंग में गड़बड़ी कर रहे थे।दूसरी घटना पद्मनाभ विधानसभा के पपैया गार्डन पोलिंग बूथ पर हुई, जहां कुछ युवाओं ने लाठियां लेकर विरोधियों पर हमला किया। हमले में वोट डालने आईं कुछ महिलाएं भी घायल हो गईं। तीसरी घटना बेल्लारी के संजीवारायानाकोटे में हुई, जहां कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता के बीच हाथापाई हुई।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें