पहले बनाओ पुल, फिर मांगने आना वोट, नही तो रहना नदी के उस पार - CG Sandesh

पहले बनाओ पुल, फिर मांगने आना वोट, नही तो रहना नदी के उस पार


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बसना  विकासखंड से दुर स्थित ग्राम पंचायत साई सराईपाली जो कि सरकारी दस्तावेजों के अनुसार तो पिथौरा विकास खंड में आता है, लेकिन नजदीक बसना विकासखंड के है.  बरसात में गांव जाने का मार्ग मानो किसी तिलस्मी खजाने की खोज में जाने जैसा हो, प्रधानमंत्री सड़क आगे बढ़ते-बढ़ते अचानक अदृश्य हो जाता है  और सामने आ जाती है  गहरी -चौड़ी घुमावदार नदी.  

इस नदी को पार कर जब आप गांव पहूंचते है तो सामने आता है  गांव वालों का ढेर सारा गुस्सा, गुस्सा प्रशाशन के प्रति, गुस्सा, स्थानीय जन प्रतिनिधियों के प्रति जिसमे गांव के लोग कहते हैं, इस विधानसभा चुनाव मे नेता गांव में तभी आएं जब पुल बनाकर हमारे गांव को मुख्यधारा से जोड़ दें.

गांव में रोचक चीज यह भी है,  की गांव मुख्य सड़क से जुड़ा नही है, कोई बस या टैक्सी चलती नही है. आवागमन निजी साधनों से होता है, लेकिन सरकारी राशि से शानदार यात्री प्रतिक्षायल बना हुआ है.

पुल तो है ही नही लेकिन बरसात में किसी आपातकालीन स्थिति से लड़ने कोई  स्वास्थ्यकर्मी भी नही है  और रास्ता ऐसा की एम्बुलेंस तो छोड़िए वहां आदमी पैदल भी नही पहुचं पाएगा.

2 से 3 फ़ीट पानी तक तो ग्रामीण जैसे तैसे कर इस पुल को पार कर लेते है मगर परेशानी तब होती है जब पुल पर से 6से 7 फ़ीट की ऊँचाई में पानी जाए. ऐसी स्थिति में इन्हें अस्पताल जैसी सुविधा भी नही मिल पाती कई बार मरीज़ और पशुओं को तड़प-तड़प कर दम तोड़ना पड़ता है या फिर मरीज को खाट के सहारे 4 लोगों के कंधे पर पुल पार करना पड़ता है जिसके बाद ही उन्हें अस्पताल नसीब हो पाता है. और ऐसी स्थिति में पशुओं की तो भूल ही जाइये.

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