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डेंगू के बाद अब पीलिया ने पसारा पांव, दूषित पानी से ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रही है पीलिया, सरायपाली ब्लाक के ग्राम बांजीबहाल का मामला

Bmo ने कहा छुईपाली सरस्वती सिसु मंदिर स्कूल में पानी टंकी से 10 फिट की दूरी पर है सेफ्टिक टैंक सायद इसलिए बच्चे आए है चपेट में

दूषित पानी से ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रही है पीलिया

महासमुंद- छत्तीसगढ़ में एक तरफ डेंगू के मरीज लगातार बढ रहे हैं वहीं दूसरी ओर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में लोगों को साफ पानी नहीं मिल पाने से अब पीलिया रोग से लोग प्रभावित होने लगे हैं । प्रदेश के महासमुंद जिले मे कई गांव मे पीलिया से लोग प्रभावित हो रहे हैं ।लेकिन सरकारी महकमा जल जनित रोगों से लोगों को बचाने ठोस इंतजाम करने में नाकाम साबित हो रहा है ।महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लाक के ग्राम बांजीबहाल गांव में पीलिया का प्रकोप जारी है पिछले कुछ दिनों से गांव में दूषित पेयजल की वजह से पीलिया फैल गई है गांव में अब तक करीब डेढ़ दर्जन लोग पीलिया से प्रभावित हो चुके हैं जिसमें से तीन गंभीर मरीजों को इलाज के लिए उडीसा के निजी अस्पतालों में ले जाया गया है ग्राम बांजीबहाल में पेयजल के लिए स्थापित बोरवेल के चारों ओर पानी जमा होने की वजह से बोरवेल का पानी दूषित हो गया है और इसी पानी का उपयोग गांव के लोग पेयजल के लिए कर रहे हैं जिसकी वजह से गांव में पीलिया फैल गई है गौरतलब है कि गांव में एक ही बोरवेल स्थापित है जिसका पानी लोग पेयजल के लिए उपयोग में लाते हैं और इसी पानी को दूषित होने की वजह से काफी संख्या में लोग पीलिया से प्रभावित हो रहे हैं । गांव में प्राथमिक उपचार के लिए शासन से संचालित अस्पताल मे कई दिनों से ताला लटक रहा है लिहाजा ग्रामीणों को पीलिया के इलाज के लिए भटकना पड रहा है । ग्रामीण बताते है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया फैलने के बाद भी किसी तरह का ठोस कदम नहीं उठाया है जिससॆ आए दिन पीलिया के मरीज बढ रहे है ।

क्या कहते हैं ग्रामीण-----
बांजीबहाल गांव में पीलिया को लेकर ग्रामीण अनूप विशाल ने बताया कि गांव में बोरवेल का जल दूषित हो गया है और इस पानी का पेयजल के लिए उपयोग करने की वजह से पीलिया फैल रहा है । ग्रामीण नरेश ने बताया कि उसके तीन बच्चों को पीलिया हो गया है।अस्पताल नहीं खुल रहा है जिससे ओडिशा में इलाज करवा रहे है । वही पंच शशीभूषण साहू ने बताया कि गांव मे करीब बीस लोग पीलिया से ग्रसित है लेकिन सरकारी पहल नही हो रही है ।

"इस संदर्भ में बीएमओ डा. अमृत रोहेलेडर ने बताया कि ऐसा कुछ नही ग्रामीण प्रभावित नही गांव के बच्चे सरस्वती सिसु मन्दिर छूहिपाली में पढ़ते है और उस स्कूल का सेप्टिक टैंक पानी टंकी से से 10 से 15 फिट के दूरी में ही है इसलिए मेरा मानना है कि इसी कारण से बच्चे इसके चपेट में आ गए है phe sdo को बोला गया है कि गांव के पानी के साथ साथ सरस्वती सिसु मंदिर छुई पाली का भी पानी जांच कराए जाए

लोक यांत्रिकी विभाग सराईपाली ने कहा कि बांजीबहाल से पानी जाँच के लिए लाया गया है लैब में जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि पानी दूषित है या नही 2 दिन बाद रिपोर्ट आएगा

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