25 साल की डॉक्टर ने की आत्महत्या - CG Sandesh

25 साल की डॉक्टर ने की आत्महत्या

मध्यप्रदेश। झाबुआ के जिला अस्पताल में पदस्थ महिला डॉक्टर का शव उसके घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला है। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पीएम के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। घटना गुरुवार रात 11 बजे की है।



जानकारी के अनुसार मूलत: पेटलावद की रहने वाली 25 साल की डॉक्‍टर निशा भायल शहर के मेघनगर नाके पर किराये के मकान में रहती थीं। गुरुवार की रात उनके परिजनों ने उनको फोन लगाया। जब उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया तो पड़ोस में रहने वाली अन्य महिला चिकित्सक को फोन लगाया गया। महिला चिकित्सक जब निशा के मकान पर पहुंची और दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। आसपास के लोगों को बुलाकर खिड़की का कांच तोड़ने पर रूम के अंदर देखा तो निशा फांसी पर झूल रही थी। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर परिजनों को सूचना दी।

पुलिस को घर की जांच करने पर सुसाइड नोट मिला है। जिसमें डॉक्टर निशा भायल ने लिखा है कि मैं दिखने में सुंदर नहीं हूं। मैं जो काम करती हूं, वो गलत हो जाता है। बहुत परेशान हूं। जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा। आत्महत्या करने की इच्छा होती है। सामने चल रही गाड़ी से अपनी गाड़ी टकराकर जान देने की इच्छा होती है। कमरे में रहती हूं तो छत का पंखा देखकर मन करता है, इस पर लटक कर जान दे दूं। मेरे माता-पिता ने मुझे बड़ी मेहनत से पढ़ाया है। उनका मुझ पर ये कर्ज है। इसीलिए रुक जाती हूं, लेकिन हमेशा यही सोचती हूं कि इसी समय जान दे दूं…।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें