रुद्राक्ष लेने दो-दो किमी लंबी कतारें, एक महिला की मौत, 20 ... - CG Sandesh

रुद्राक्ष लेने दो-दो किमी लंबी कतारें, एक महिला की मौत, 20 किमी लंबा जाम

मध्यप्रदेश। सीहोर जिला स्थित कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में शिव महापुराण कथा और रुद्राक्ष वितरण महोत्सव शुरू हो गया है। रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम में करीब दस लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। इसके चलते इंदौर-भोपाल हाईवे पर करीब बीस किलोमीटर जाम लग गया है। वहीं भीड़ में महाराष्ट्र से आई 52 वर्षीय मंगलबाई की मौत हो गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सीहोर जिला अस्पताल भेजा गया है। दो हजार लोग बीमार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए हैं। दस से अधिक महिलाएं गुम हैं।



बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से भोपाल-इंदौर हाईवे पर बीस किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कुबेरेश्वर धाम से चौपाल सागर तक भोपाल की ओर लंबा जाम है। इतना लंबा जाम लगने के बाद भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। भोपाल और इंदौर दोनों तरफ से लोग लगातार कुबेरेश्वर धाम पहुंचे। इतनी भीड़ की वजह से रुद्राक्ष पाने में नाकाम लोग पंडित मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लौटे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महोत्सव स्थल का दौरा निरस्त कर दिया है। महोत्सव में करीब दस लाख लोगों के मौजूद होने का अनुमान है।रुद्राक्ष वितरण के लिए चालीस काउंटर बनाए गए हैं। भीड़ को देखते हुए एक दिन पहले यानी बुधवार से ही रुद्राक्ष वितरण शुरू हो गया था। पहले दिन करीब डेढ़ लाख रुद्राक्ष बांटे गए। अब तक पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष बांटे गए हैं। गुरुवार को रुद्राक्ष के लिए दो-दो किमी लंबी कतार लगी है। दो लाख से अधिक लोग तो कतार में ही लगे होने का अनुमान है। भीड़ को रोकने के लिए बांस और बल्लियों से बैरिकेड लगे थे, जो भीड़ को रोकने में नाकाम हो रहे हैं।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें