4 अंतर्राज्यीय तस्कर अवैध गांजा परिवहन करते चढ़े पुलिस के हत्... - CG Sandesh

4 अंतर्राज्यीय तस्कर अवैध गांजा परिवहन करते चढ़े पुलिस के हत्थे

जगदलपुर। थाना नगरनार सीमा से लगे उड़ीसा प्रांत से होने वाले अवैध पदार्थों की परिवहन को रोकने तथा प्रभावी कार्रवाई करने के लिए टीम गठित किया गया था। इसी कड़ी में पतासाजी के दौरान टीम को मुखबिर से सूचना मिला कि उड़ीसा से कुछ संदिग्ध व्यक्ति एक आटो मे बैठकर जगदलपुर की ओर आ रहे है। जो अपने ऑटो मे अवैध रूप से गांजा परिवहन कर रहे है। कि सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्काल नाकाबंदी कर संदिग्ध व्यक्तियो को पकड़कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश प्राप्त हुआ।

 


थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम गठित कर तत्काल धनपुञी फारेस्ट नाका में घेराबंदी कर चेकिंग शुरु किया गया। कुछ ही देर बाद उड़ीसा से जगदलपुर की ओर आ रहे एक ऑटो जो पुलिस पार्टी को देखकर वाहन को मोड़कर वापस भागने लगे। जिसे चेकिंग में लगे पुलिस द्वारा दौड़ाकर पकड़ा गया और चेक किया गया।

जिसमें चार संदिग्ध व्यक्ति बैठे मिले नाम व पता पूछने पर प्रारंभिक तौर पर पुलिस को गुमराह करते रहे। पुलिस द्वारा बारीकी से पूछताछ करने पर अपना नाम अमित पटेल, रंजीत पटेल, जउवाद, लवकुश सभी निवासी प्रयागराज उत्तरप्रदेश का निवासी बताया। जिनके आटो को चेक करने पर आटो मे एक अलग से चेम्बर बना पाया गया। जिसे खोलकर चेक करने पर चेम्बर मे कुल 35 किलो मादक पदार्थ गांजा पाया गया। चारों आरोपियों के विरुद्ध क़ानूनी कार्रवाई किया गया। घटना में प्रयुक्त ऑटो सहित 35 किलो गांजा कुल कीमती 3.5 लाख रुपए को जब्त करते हुए सभी आरोपीयों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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