विधानसभा में अब नहीं होगा इस शब्द का इस्तेमाल, आदेश में किया... - CG Sandesh

विधानसभा में अब नहीं होगा इस शब्द का इस्तेमाल, आदेश में किया गया संशोधन

मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश विधानसभा में अब याचिका शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मध्य प्रदेश की विधानसभा में वर्षों पुराने इस शब्द पर अब रोक लगा दी गई है। अब समस्याओं के निराकरण के लिए आमजन याचिका नहीं बल्कि आवेदन लगाएंगे। इसके लिए विधानसभा के स्थाई आदेश में संशोधन किया गया है। इससे जुड़ी समिति का नाम पहले ही बदला जा चुका है। इसी के साथ विधानसभा में सामंती शब्द का समापन हो गया।


सम्मानजनक नहीं याचक शब्द

मध्य प्रदेश विधानसभा में याचिका और अभ्यावेदन समिति वर्षों से है। इसका नाम पहले ही अभ्यावेदन समिति किया जा चुका है, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष के स्थाई आदेश में कुछ स्थानों पर याचिका शब्द का जिक्र था। इसलिए अब यहां से भी इस शब्द को हटा दिया गया है। इसको हटाने के पीछे ये तर्क दिया गया है कि आमजन अपना प्रतिनिधि चुनकर भेजते है। ऐसे में यहां आमजन की आवाज उठाने को याचिका कैसे कहा जा सकता है। वर्तमान हालात में यह सम्मानजनक शब्द नहीं है।

मध्य प्रदेश की विधानसभा में याचक शब्द को प्रतिबंधित करते हुए उसे बंद कर दिया गया है। इसे बंद करने के पीछे ये तर्क दिया गया है कि जनता को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए याचना नहीं करनी चाहिए। इसलिए याचना नहीं अब आवेदन शब्द का प्रयोग होगा। वैसे भी लोकतंत्र का मतलब, जनता के माध्यम से शासन होता है।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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