सरायपाली : बरसात आते ही लात नदी के सहायक नाला घोघरा बनता है आवागमन में बाधक कई दिनों तक विद्यालय नहीं पहुँचते है विद्यार्थी.
सराईपाली से 30 किलो मीटर दूर लात नदी के सहायक नाला घोघरा का, ग्राम पंचायत कँवरपाली और
बिरकोल के मध्य स्थित यह नाला पिछले कई पीढ़ी से इस
मार्ग के बीच घोघरा नाला में पुलिया बनाने की मांग कर रहा
है. यहाँ आस-पास के
लगभग 15 गांव है लेकिन
सरकार इनकी मदत के लिए अब तक कोई भी दिलचस्पी नही दिखाई है.
मिली जानकारी के
अनुसार कँवरपाली, छुरिया, घेसपाली, दाऊ गुड़ी, कोकड़ी, दुमरपाली, दर्रिपाली, सुखापाली, कलेंडा, बटकी
के साथ 10 गांव के लोग घोघरा नाला को पार कर सारँगढ़ से सराईपाली को जाने
वाली मुख्य मार्ग को जाते है.
इन गांवों से लगभग 200 विद्यार्थी बिरकोल के मिडिल
और हायर सेकेंडरी स्कूल में अध्यनरत है और 2 प्राइवेट स्कूल भी है. बताया गया कि स्कूल बस भी इस घोघरा
नाला के कारण नही आ पाता. जिसके कारण स्कूली बच्चे कई
दिनों तक शिक्षा से वंचित रह जाते है.
वहीँ इन
गांवों में घोघरा नाला के कारण एम्बुलेंस भी नही पहुच पाती है 16
किलो मीटर दूर लाती नदी के पुल जो परसकोल के पास बना है उस पर से घूम कर आना पड़ता है.
बताया गया कि कई बार इस नाले में पुलिया बनाने को लेकर मांग की
गयी है लेकिन बार-बार
सराईपाली से जो भी विधायक बनकर आते है वो बस वादा कर कार्य को भूल जाते है.
कंवरपाली एवं बिरकोल के मध्य स्थित घोघरा नाला थोड़े से पानी गिरते ही आवागमन ठप कर देता है, अभी तक शासन ने इस पर किसी भी प्रकार का कोई उचित कदम नहीं उठाया है, बच्चों को स्कूल जाना, लोगो को दैनिक कार्य पूरी तरह रुक जाता है.
-- अजीत चौहान, शिक्षक, इंग्लिश मीडियम स्कूल, बिरकोल
पूर्व करोड़ो की लागत से डामरीकरण मार्ग का निर्माण करवाया गया था लेकिन इसी मार्ग के बीच घोघरा नाला में बिना पुल बनाए ठकेदार द्वारा राषि का आहरण कर लिया गया