पुलिस- नक्सली मुठभेड़ में एक ग्रामीण की मौत - CG Sandesh

पुलिस- नक्सली मुठभेड़ में एक ग्रामीण की मौत

बीजापुर , पुलिस नक्सली मुठभेड़ में एक ग्रामीण की मौत होने की खबर सामने आ रही है। मृत ग्रामीण का नाम पुनेम लखमू बताया जा रहा है। गांव वालों का आरोप है कि, पुलिस ने लखमू को मारा है। हालांकि, पुलिस अफसरों ने ग्रामीण की मौत होने की जानकारी न होने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि, मुठभेड़ में कई नक्सली मारे गए हैं। भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया है। मामला तर्रेम थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, बीजापुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, बीजापुर-सुकमा जिले के सरहदी इलाके गुंडम और छुटवाई के जंगलों में भारी संख्या में माओवादी मौजूद हैं। मुखबिर की इसी सूचना के आधार पर DRG, STF और कोबरा बटालियन की संयुक्त पार्टी को मौके के लिए रवाना किया गया था। जैसे ही जवान जंगलों में पहुंचे वहां घात लगाकर बैठे माओवादियों ने जवानों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। हालांकि, समय रहते सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला। नक्सलियों की गोलियों का मुंहतोड़ जवाब दिया था।


बीजापुर के ASP चंद्रकांत गवर्णा ने बताया कि, दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में नक्सलियों को नुकसान हुआ है। घटना स्थल पर खून के धब्बे मिले हैं। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कई नक्सली मारे गए हैं। हालांकि, इस मुठभेड़ में सारे जवान सुरक्षित हैं। मौके से भारी मात्रा में सामान भी बरामद किया गया है। ASP ने ग्रामीण की मौत वाली बात को नकारा है। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में ग्रामीण की मौत होने की जानकारी हमें नहीं है।

गुंडम गांव में रखा गया है शव

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृत ग्रामीण पुनेम लखमू का शव गुंडेम गांव में ही रखा गया है। आस-पास के अन्य गांव के ग्रामीण भी इकट्ठा हो रहे हैं। फिलहाल अंदरूनी और नक्सल प्रभावित इलाका होने की वजह से ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें