भंवरपुर : 2014 में पूरा किये जाने वाला हायर सेकेंडरी स्कूल भ... - CG Sandesh

भंवरपुर : 2014 में पूरा किये जाने वाला हायर सेकेंडरी स्कूल भवन अब तक अधुरा, जर्जर भवन में लगती है कक्षायें

भंवरपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के भवन का निर्माण कार्य अधूरा होने की वजह से विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जहाँ पुराने और जर्जर भवन में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है. वहीं बरामदा में भी बैठाकर विद्यार्थियों की क्लॉस ली जा रही है. जबकि ठेकेदार को 4 वर्ष पूर्व भवन बनाकर सौंप देना था. ठेकेदार की इस लापरवाही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है.

भंवरपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में 600 विद्यार्थी अध्ययनरत है. भवन की कमी को देखते ग्रामीणों की मांग एवं जनप्रतिनिधियों के प्रयास से 14 कमरों वाला अतिरिक्त भवन स्वीकृत हुआ था. भवन के प्रथम तल में (जमीनी तल) एवं दूसरे तल में प्रथम मंजिल में 7 कमरे बनाए गए है.  

उक्त कार्य को पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदार सुभाष चंद्र साहू को कार्य स्वीकृत की जिम्मेदारी दी गई थी. 49.65 लाख रुपए में बनने वाले उक्त भवन का निर्माण 15 जून 2014 तक पूरा हो जाना चाहिए था.

बताया गया की कमरों की कमी के कारण बरामदे में बैठाकर विद्यार्थियों को कक्षा लगाई जा रही है. बरामदे में कॉमर्स 11वीं की कक्षा लगाई जाती है. बिना ब्लैक बोर्ड तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से वंचित होकर बच्चे यहाँ अध्ययन कर रहे हैं.

वहीं दुसरे कक्षा में 100  से 120 विद्यार्थी को बैठाकर अध्यापन कार्य किया जाता है. बहरहाल ठेकेदार के मनमाना रवैया के चलते भंवरपुर हायर सेकेंडरी के विद्यार्थी को परेशानी हो रही है. वहीं अध्यापन कार्य सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है.



स्कूल भवन पूरा नहीं होने के कारण जर्जर भवन में विधार्थियों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अधूरे भवन की जानकारी शासन के उच्च अधिकारियों को भी है. लोक निर्माण विभाग को बार-बार भवन सम्बन्धित परेशानियो से अवगत कराया जा रहा है.  
--वाय आर लहरे, ब्लाक शिक्षा अधिकारी, बसना

 

पीडब्ल्यूडी एसडीओ को इस संबंध में जानकारी मांगने पर बताया कि

भवन निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है ठेकेदार को बार-बार फोन किया जा रहा है लेकिन वह फोन नहीं उठाता है. ठेकेदार से जैसे ही सपर्क होता है जल्द ही भवन को हैण्ड ओभर किया जाएगा. समय सीमा में भवन को पूरा नहीं किए जाने के कारण कुल लागत राशि के बिल से 6 प्रतिशत काटा जाएगा.  
--लोक निर्माण विभाग sdo सराईपाली

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