फिर हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में पत्थरबाजी - CG Sandesh

फिर हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में पत्थरबाजी

भिलाई। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में फिर से पत्थरबाजी हुई है। नागपुर से बिलासपुर जा रही इस हाई स्पीड ट्रेन पर पत्थर मारने से खिड़की की शीशा क्षतिग्रस्त हुआ है।पूर्व की तरह इस बार भी घटना स्थल भिलाई नगर स्टेशन से खुर्सीपार के बीच होने का अनुमान है। आरपीएफ और जीआरपी की टीम अज्ञात पत्थरबाजों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।शुक्रवार शाम को नागपुर से बिलासपुर जा रही वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी से रेलवे महकमे में खलबली मची हुई है। इस ट्रेन पर पत्थरबाजी की यह दूसरी घटना है।इससे पहले 14 दिसंबर को भी वंदे भारत ट्रेन में पत्थर फेंकने से खिड़की की शीशा टूट गया था। काफी कोशिशों के बाद भी आरपीएफ व जीआरपी को पत्थरबाजी के आरोपियों को पकडऩे या उनकी पहचान करने में सफलता नहीं मिल सकी।अब फिर एक बार वंदे भारत ट्रेन को नुकसान पहुंचाकर असामाजिक तत्वों ने आरपीएफ व जीआरपी को चुनौती देने का काम किया है। बताया जा रहा है पत्थरबाजी की ताजा घटना भिलाई नगर स्टेशन से खुर्सीपार के बीच हुई है।शुक्रवार को वंदे भारत ट्रेन शाम 5.15 बजे दुर्ग पहुंची और 2 मिनट रुकने के बाद 5.17 बजे रायपुर के लिए रवाना हुई। ट्रेन भिलाई नगर स्टेशन पार कर चुकी थी तब पत्थर फेंकने की घटना हुई है।


ट्रेन की रफ्तार काफी तेज होने से घटना स्थल का एक्जिट लोकेशन पता नहीं चल पा रहा है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि भिलाई नगर स्टेशन से खुर्सीपार के बीच पत्थरबाजी की घटना हुई है।आरपीएफ ने अज्ञात पत्थरबाजों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 154 के तहत अपराध कायम कर लिया है। इसके साथ ही आरोपियों की पतासाजी शुरू कर दी गई है।

लोकल पुलिस से भी ली जा रही मदद

वंदे भारत ट्रेन में पत्थरबाजी करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान और उनकी धरपकड़ के लिए आरपीएफ और जीआरपी की टीमें रेल पटरी के किनारे संभावित बस्तियों में सक्रिय हो गई है।आरपीएफ भिलाई की ओसी पूर्णिमा राय बंजारे ने वंदे भारत ट्रेन में शुक्रवार शाम को हुई पत्थरबाजी के घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों का सुराग तलाशने लोकल पुलिस की भी मदद ली जा रही है।इसके अलावा दुर्ग, भिलाई और रायपुर की आरपीएफ व जीआरपी की टीमें भी अपने अपने स्तर पर लगी हुई है।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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