भंवरपुर : जनप्रतिनिधियों का आरोप नीजी अस्पतालों के इशारे पर किया गया तबादला
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भंवरपुर में पदस्थ एएनएम को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद के मौखिक निर्देश पर 30 जून 2018 को खंड चिकित्सा अधिकारी बसना द्वारा तत्काल तबादला कर दिया गया. तबादला होने के अगले ही दिन क्षेत्र के मरीजों की दुर्दशा शुरू हो गयी. इस स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 35 से 40 गाँव के लोग स्वास्थ सेवाओं के लिए निर्भर है.
साथ ही जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नीजी अस्पतालों के इशारे पर काम करते है. जिससे ग्रामीणों को सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं न मिले और लोग नीजी क्लीनिक और अस्पताल में जाकर मंहगा ईलाज कराने मजबूर हो जाए. क्षेत्रवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद के आदेश का विरोध करते हुए कहा कि यह षड़यंत्रकारी आदेश निरस्त नहीं हुआ तो अस्पताल में तालाबंदी कर सकते हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुशार बरोली की मेघा साहू को उनके स्थान पर पदस्थ किया गया है. मेघा साहू बरोली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ थी. बीते दिनों उनपर महिलाओं से बिना पूछे ही गर्भनिरोधक दवाईयां देने का आरोप लगा था. जिस पर जाँच करने की बात भी कही गयी थी. मगर यह जाँच कहाँ तक पहुची यह अधिकारी ही जाने.
मरीजों की दुर्दशा शुरू
एएनएम श्रीमती भीषमणी नायक का स्थानांतरण के बाद अगले दिन जब छत्तीसगढ़ संदेश की टीम ने भंवरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया तो पाया कि लगभग 30 से 40 की संख्या में मरीज़ डॉक्टर का इंतज़ार कर रहे थे. डॉक्टर के ना होने पर कुछ लोगों ने शाशन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और बिना इलाज कराये सिर्फ पर्चा कटाकर वहां से लौट गए.
प्रसूति के लिए आई महिला को किया गया रेफर
पाया भंवरपुर के प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्र में आई एक महिला को 102 के माध्यम से सरायपाली रेफर किया जा रहा
था. वहाँ पूछने पर पता चला कि ये पिछले 2 घंटे से डॉक्टर के आने का इंतज़ार कर रहे
थे. अस्पताल की लचर व्यवस्था को देखकर महिला के पति ने लम्बे इंतज़ार के बाद 102 को
फोन किया और महिला को सरायपाली रेफर किया. उन्होंने बताया कि इससे पहले भी एक बार
वो यहाँ अपनी पत्नी की साथ प्रसव के लिए आ चुके है लेकिन जब एएनएम के पद पर
श्रीमती भीषमणी नायक पदस्थ थी तब किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना
पड़ता था. साथ ही उन्होंने कहा कि यहाँ पदस्थ मुख्य चिकित्सा अधिकारी साहू अक्सर
अस्पताल से गायब रहते है और उनके निवास पर ताला भी लगा रहता है. जबकि वहां उपस्थित
अन्य लोगों ने बताया कि श्रीमती भीषमणी नायक मरीजों को 24 घंटे अपनी सेवाएँ देती थी.
सरायपाली विधायक रामलाल चौहान ने की तबादला रोकने की मांग
तबादले की जानकारी मिलने पर सरायपाली विधायक रामलाल चौहान सहित दर्जनों ग्रामीणों द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद को पत्र लिखकर एएनएम श्रीमती भीषमणी नायक का स्थानांतरण निरस्त कर भंवरपुर में यथावत रखने की मांग की और साथ ही कहा कि भीषमणी नायक की पदस्थापना के बाद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भंवरपुर में संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी हुई है, तथा इनके द्वारा भंवरपुर में पदस्थापना से लेकर अब तक लगभग दो सौ जचकी कराकर स्वास्थ्य विभाग और सरकारी अस्पताल के लिए लोगों का भरोसा बढ़ाया है. अब जब क्षेत्र के लोगों को इनसे बेहतर सुविधा मिल रही है ऐसे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मौखिक निर्देशानुसार उनका स्थानांतरण करना लोगों में आक्रोश बढ़ा रहा है.
कार्यों हेतु मिल चूका है सम्मान
आपको बता दें कि पूर्व में संसदीय सचिव एवं बसना विधायक श्रीमति रूपकुमारी चौधरी के द्वारा श्रीमती भीषमणी नायक को 2016-17 में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु पुरस्कृत भी किया गया था.