कटघोरा को ज़िला बनाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा- अभी नही... - CG Sandesh

कटघोरा को ज़िला बनाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा- अभी नहीं…

रायपुर । भेंट मुलाकात कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने शनिवार को एक सवाल के जवाब में कहा कि, कटघोरा को जिला बनाने की मांग की पूरी नहीं हो पाएगी। वहीँ उन्होंने कोरबा जिले के 117 मसाहती गांवों के सर्वे करने के कलेक्टर को निर्देश दिए है।

ट्रांसपोर्ट नगर के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण को लेकर सचिव स्तर पर अधिकारियों की कमेटी गठित की जाएगी। जांच के बाद ट्रांसपोर्ट नगर स्थल के बारे में निर्णय लिया जाएगा।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोरबा के पालीताना क्षेत्र में भेंट मुलाकात कार्यक्रम में शुक्रवार को पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।



मुख्यमंत्री इस बैठक के बाद उन्होंने मीडिया कर्मियों से बातचीत भी की।

नक्सलवाद पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पिछले साल सबसे कम घटना हुई, सबसे कम जवान हताहत हुए, सबसे कम आम नागरिक प्रभावित हुए।

गौठान मवेशियों के डे केयर के रूप में उपयोगी साबित हो रहा है। विभिन्न आजीविका गतिविधियां भी गौठानों में संचालित हो रही हैं। यहां ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।

फसल सुरक्षा, रोड एक्सीडेंट की घटनाएं कम करने और ग्रामीण अंचल में बेहतर आजीविका सुनिश्चित करने के लिए गौठान बनाए गए हैं। महिलाएं गौठानों में बिजली उत्पादन भी करेंगी।

जिले में हाथी की समस्या पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथी मानव द्वंद्व नहीं होना चाहिए। नरवा कार्यक्रम इस द्वंद्व को कम करने बेहतर साबित हो रहा है। 13 हजार नालों का ट्रीटमेंट किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि धान संग्रहण केंद्र 1900 से बढ़कर 2500 हो गया है, जिससे किसानों को दूर नहीं जाना पड़ रहा है।

दूरस्थ अंचलों में भी अंग्रेजी माध्यम की बेहतर शिक्षा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति के संवर्धन की दिशा में कार्य करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं।

आदिवासी संस्कृति और परम्पराओं को बचाना है, संस्कृति संरक्षण के लिए 25 देवगुड़ी के निर्माण की घोषणा कल की गई।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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