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रक्तदान सेवा समिति पर लगाये गए आरोप निराधार, विधि पूर्वक हो जांच – मुस्तफीज

सोशल मीडिया में विगत कई दिनों सरायपाली के पार्षद हरदीप सिंह रैना द्वारा रक्तदान सेवा समिति पर खून की दलाली का आरोप लगाया जा रहा है. आरोपों में उन्होंने लिखा कि रक्तदान के नाम पर पैसा उगाही और निःशुल्क दान किये रक्त से पैसा वसूली का कार्य हो रहा है तथा कहा कि इस लूट में ब्लड बैंक भी शामिल है जो ब्लड प्लेटलेट्स के नाम पर मरीजों को लूट रहा है. आरोपों के जवाब में रक्तदान सेवा समिति प्रमाण मांग रही है.

रक्तदान सेवा समिति के अध्यक्ष मुस्तफीज आलम का कहना है कि हमपर लगाये गए सारे आरोप निराधार है तथा रक्तदान सेवा समिति को बदनाम करने की साजिश की जा रही. उनका कहना है कि रक्तदान सेवा समिति विगत 4 वर्षों से समाज के लिए निःशुल्क रक्त उपलब्ध करवा रही है जिसमे मरीज के परिजन और रक्तदाता के बीच सीधा संबंध रहता है.

उन्होंने ने बताया कि जब भी उनके पास रक्त के लिए कोई आवेदन आता है तो मरीज़ के नाम स्थान और अटेंडर के साथ एक प्रारूप तैयार कर के अपने सभी ग्रुप में भेज देते है. जिसके बाद रक्तदाता द्वारा स्वयं मरीजों के परिजन से संपर्क कर के उसे रक्त दिया जाता है और मरीज को रक्त मिल जाने के उस केस को क्लोज कर दिया जाता है.

उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए रक्तदान सेवा समिति से छतीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के लोग भी जुड़े हुए है.

समिति के अच्छे कार्यों को देखकर कुछ लोग विगत 3 वर्षों से बिना नाम लिए खुनी दलाल कहकर कई बार आरोप लगाये है. लेकिन इस बार उन्होंने सीधे तौर पर रक्तदान सेवा समिति के नाम के साथ मुस्तफीज आलम पर भी आरोप लगाये है तथा जब भी आरोपों का प्रमाण माँगा गया तो कभी भी इन आरोपों का प्रमाण नहीं दिया गया.

समिति के नाम का दुष्प्रचार और निराधार आरोप लगाने के चलते रक्तदान सेवा समिति के सदस्य और अध्यक्ष द्वारा आज सरायपाली थाना प्रभारी को इस पुरे मामले की जानकारी देकर उनसे उचित कार्यवाही करने कहा है, तथा यह भी बताया गया कि रक्तदान सेवा समिति को तोड़ने के लिए कुछ लोगों द्वारा इनके सदस्यों को डराया धमकाया जा रहा है.

जिसके बाद ममाले को संज्ञान में लेते हुए सरायपाली थाना प्रभारी ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है.

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