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सीएम बघेल : गुरु घासीदास बाबा के संदेशों में मिलती है संविधान में लिखे समानता के अधिकार की झलक

  दुर्ग  : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम सुरपा बेल्हरी में सतनाम धर्म के प्रणेता संत गुरु घासीदास बाबा की जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के समाज में एकता, भाईचारे और समरसता के संदेश का समाज के लोगों को संगठित करने में विशेष योगदान है। इस अवसर पर उन्होंने गुरु घासीदास बाबा का स्मरण करते हुए जीवन की दिशा सकारात्मक रखने की सलाह दी। उन्होंने देश के संविधान का उदाहरण दिया जिसमें समानता पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि संविधान में लिखे समानता के अधिकार गुरु घासीदास बाबा के संदेशों में भी परिलक्षित होते हैं। उन्होंने पंथी का जिक्र किया, जिसमें लिखे सभी उपदेश छत्तीसगढ़ी में हैं। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि बाबा गुरू घासीदास ने छत्तीसगढ़ में वृहद स्तर पर कार्य किया है और छत्तीसगढ़ के गौरव को भी बढ़ाया है।


इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए बताया कि 31 मार्च तक राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त किसानों को दे दी जाएगी। उन्होंने कहा शासन विद्या के मंदिर को बेहतर से बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। जीर्णाेद्धार किए गए स्कूलों में गोबर के पेंट से रंग रोगन का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए छत्तीसगढ़ शासन कार्य कर रहा है। हमारे राज्य के किसान, युवा एवं नागरिक समृद्ध हो इसके लिए बेहतर से बेहतर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि समावेशी विकास को गति मिल सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत दुर्ग के उपाध्यक्ष अशोक साहू, ओएसडी आशीष वर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि व ग्रामीण जन उपस्थित थे।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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