करोड़ों रुपयों की ठगी बैंक मैनेजर हुआ नौ दो ग्यारह - CG Sandesh

करोड़ों रुपयों की ठगी बैंक मैनेजर हुआ नौ दो ग्यारह

सूरजपुर। जिले के विश्रामपुर स्थित बंधन बैंक, यहां के मैनेजर विनय के द्वारा लगभग 150 ग्रामीणों से करोड़ों की ठगी की गई है. ठगी भी इतने शातिराना ढंग से की गई है कि जब तक ग्रामीणों को यह पता चलता कि वह ठगे गए हैं, तब तक आरोपी मैनेजर करोड़ों रुपए लेकर फरार हो गया, पीड़ित सभी मजदूर तबके से हैं, यह पूरा मामला मई-जून 2022 का है, इस दौरान जितने भी लोग बैंक से लोन लेने गए, आरोपी मैनेजर ने इन लोगों से लोन के दस्तावेजों में साइन कराने के साथ ही झूठ बोलकर चेक में भी साइन करा लिया करता था। और जैसे ही ग्रामीणों के अकाउंट में लोन का पैसा आया उन्हें बिना किसी को जानकारी दिए बैंक मैनेजर ने चेक से पैसा निकाल लेता था. जब मैनेजर का ट्रांसफर दूसरे बैंक में हो गया और नए मैनेजर ने पदभार ग्रहण किया तो उसने पैसे की रिकवरी के लिए ग्रामीणों के पास नोटिस भेजा, तब जाकर इन ग्रामीणों को पता चला कि उनके नाम से लोन दिया गया है, तब से ग्रामीण पुलिस थाने के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन आरोपी बैंक प्रबंधक के खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, वही ग्रामीणों ने अब पुलिस अधीक्षक सूरजपुर से भी कार्रवाई की मांग की है.

पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद अब पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, पुलिस के अनुसार मामला बहुत बड़ा है, पूरे मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद ही आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी, वही जब हमने बैंक प्रबंधन से बात की तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया, हालांकि बिना कैमरे के उन्होंने बताया कि बैंक प्रबंधन की तरफ से भी मामले की जांच की गई है। जिसमें यह पाया गया है कि आरोपी मैनेजर के द्वारा ग्रामीणों से लोन दिलाने के नाम पर ठगी की गई है, इसलिए फिलहाल आरोपी बैंक प्रबंधक को बैंक ने कार्यमुक्त कर दिया है।


इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि ठगे गए लगभग सभी लोग बहुत ही गरीब तबके के हैं, उनके लिए दो वक्त की रोटी जुटा पाना भी एक चुनौती है, यही वजह है कि ये लोग बैंक से लोन लेकर छोटा-मोटा व्यवसाय कर अपनी जीविका चलाना चाह रहे थे, लेकिन एक लालची बैंक प्रबंधक की वजह से यह सभी लोग और मुसीबत में पड़ गए हैं।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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