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सरायपाली : स्कूली विद्यार्थियों के लिये लुप्तप्राय- लोक/पारंपरिक/ विशिष्ट शिल्प/कला कार्यशाला (बस्तर कलाकृति एवं भित्तिचित्र) का आयोजन

भारतीय सांस्कृतिक निधि ( इन्टैक ) विरासत शिक्षा और संचार सेवा प्रभाग,नई दिल्ली एवं इन्टैक सरायपाली अध्याय के संयुक्त तत्वावधान में स्कूली विद्यार्थियों के लिये लुप्तप्राय- लोक/पारंपरिक/ विशिष्ट शिल्प/कला कार्यशाला (बस्तर कलाकृति एवं भित्तिचित्र) का आयोजन 23 एवं 24 नवम्बर 2022 को दो दिवसीय स्थान- लक्ष्मी नारायण मंदिर सत्संग भवन सरायपाली में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांशीराम चौधरी ( भुतपूर्व बीईओ एवं सेवानिवृत प्राचार्य) , विशिष्ट अतिथि जाने माने आर्टिस्ट व सेवानिवृत्त प्रधान पाठक तोषराम पटनायक एवं ख्याति प्राप्त समाजसेवी, कलाप्रेमी विश्वजीत गुप्ता ,अध्यक्षता इन्टैक सरायपाली अध्याय के संयोजक यशवंत कुमार चौधरी ने किया.                                

कार्यक्रम में समस्त अतिथियों का स्वागत परम्परा अनुसार सादा गमछा द्वारा किया गया. इस कार्यशाला में प्रतिभागी विद्यार्थियों को बांस की चटाई पर भित्तिचित्र व बस्तर कलाकृति ( विशेषकर चेहरे की कलाकृति ) की कलमकारी कला का प्रशिक्षण बस्तरिहा आर्ट के आमंत्रित कुशल कलाकार अरुण कुमार हलधर द्वारा बखूबी दिया गया। आमंत्रित विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 7 वीं से 9 वीं तक के अध्ययनरत विद्यार्थियों को इस कार्यशाला में भाग लेने अवसर मिला ।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों द्वारा ए-3 साईज ड्राईंग पेपर पर रंगों के माध्यम से चित्र बनाकर जमा किया गया है तथा इन प्रविष्टियों में से 3 उत्तम प्रविष्टि का चयन कर राष्ट्रीय स्तर पर शामिल करने हेतु इन्टैक केन्द्रीय मुख्यालय नई दिल्ली भेजी जायेगी। पेंटिंग हेतु ए-3 साईज ड्राईंग पेपर इन्टैक द्वारा नि:शुल्क प्रदान किया गया है। संयोजक यशवंत चौधरी द्वारा स्थानीय विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों को इस आयोजन में भाग लेने के लिये अपने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने तथा कक्षा 7 वीं से 9 वीं कक्षा तक के 5 प्रतिभागी विद्यार्थियों को एक प्रभारी शिक्षक के साथ शामिल कराने का आग्रह किया गया था जिससे कार्यशाला से 60 प्रतिभागी विद्यार्थी एवं उनके मार्गदर्शक टीचर्स लाभांवित हुए हैं।                                                                     .

राज्य संयोजक अरविन्द मिश्रा एवं राज्य सह-संयोजक राजेन्द्र चाण्डक के मार्गदर्शन में आयोजित यह दो दिवसीय विशिष्ट कार्यशाला इस क्षेत्र में कला -कौशल विकास हेतु एक नया आयाम सिद्ध हुआ है. कार्यशाला का समापन क्षेत्र के जाने माने कलाकार कला के धनी नेहरुलाल नायक की उपस्थिति में किया गया. बतौर सहयोगी शिक्षक राधा शर्मा,वंदिता,पुण्यवति साहू,निर्मला नायक, यासमीन खान, रेखा चौधरी, सुंदरलाल डडसेना, रश्मि राजा, विनोद चौधरी, रूपसिंह यादव आदि ने सहभागिता दी तथा इन्टैक के आजीवन सदस्य केशव प्रसाद साहू का भरपूर योगदान रहा.              

अध्यक्षीय उद्बोधन में यशवंत चौधरी ने इन्टैक के राज्य और राष्ट्रीय मुख्यालय के विशिष्ट सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को कुशल ट्रेनर के माध्यम से कला के क्षेत्र में तलाशने और तराशने का जो अनूठा कार्य किया गया, यह सराहनीय है.बस्तर कलाकृतियों एवं भित्तिचित्रों की माँग बहुतायत है इसके लिए इन कलाओं के विकास लिए सीखने के साथ- साथ पर्याप्त अभ्यास की आवश्यकता है. विशिष्ट अतिथि विश्वजीत गुप्ता ने कहा कि कला में जीवंतता होती है, इस तरह से बस्तर कलाकृति एवं भित्तिचित्र बनाने की कला का सहज लाभ सरायपाली की धरा में प्राप्त होना बच्चों के लिए लाभदायक है, इन्टैक का यह कार्य प्रेरणादायी है.

विशिष्ट अतिथि तोषराम पटनायक ने कला- कौशल विकास को नई दिशा देने के इस पुनीत कार्य की सराहना की. मुख्य अतिथि कांशीराम चौधरी ने शायराने अंदाज में गागर में सागर भरने का प्रयास किया और स्कूली विद्यार्थियों के निमित्त आयोजित इस कार्यशाला को महत्वपूर्ण बताया और क्षेत्र में कला कौशल विकास हेतु सतत प्रयासशील इन्टैक संयोजक यशवंत चौधरी के कार्यों की उन्मुक्त कंठ प्रशंसा की. कला के धनी नेहरूलाल नायक ने आयोजन की तारीफ की और बच्चों के उत्साह को देखकर गदगद हुए. आभार प्रदर्शन इन्टैक संयोजक यशवंत कुमार चौधरी ने किया. इन्टैक के इस दो दिवस के आयोजन में बच्चों ने उत्साह के साथ अपने शिक्षकों के साथ बस्तर कलाकृति और भित्तिचित्र उकेरे और कला की बारीकियों से कुशल ट्रेनर से अवगत हुए और अपने कला में निखार लाने कामयाबी हासिल किया है.

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