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BJP आदिवासियों को हमेशा दूसरे दर्जे के नागरिक की तरह व्यवहार करती रही…मंत्री कवासी लखमा को इस्तीफा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी- सीएम भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पांच दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम भूपेश बघेल अपने पांच दिनों तक महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और इंदौर दौरे पर रहेंगे। सीएम बघेल रवाना होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट में मीडिया से चर्चा की और जानकारी देते हुए कहा कि कल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी से मीटिंग है। परसों राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मीटिंग है। उसके बाद महू में संविधान दिवस और अंबेडकर जी की जयंती के दिन पदयात्रा में शामिल होंगे उसके बाद गुजरात के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान सीएम भूपेश बघेल ने पूर्व सीएम डॉ.रमन सिंह पर बड़ा आरोप लगाया और जमकर निशाना साधा है। सीएम बघेल ने कहा की रमन सिंह केवल गुमराह करके वोट लेते रहे हैं।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल और डॉ. रमन सिंह मुझे चूहा और राक्षस बोलते हैं इनके पास कोई मुद्दा नहीं है और हीन भावना से ग्रसित है, सत्ता जाने से जो फड़फड़ाहट दिखाई देती है वो इनके बयानों में साफ दिखता है। इतने सीनियर और सीजंड नेता माने जाते थे जो इस प्रकार की भाषा विपक्ष के लोगों को या सत्ता में जो बैठे उनके खिलाफ बोल रहे हैं तो समझ लिए उनकी पीड़ा कितनी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि मनोज मंडावी जी से मैं मृत्यु से 1 सप्ताह पहले ही मुलाकात हुई थी, कांग्रेस पार्टी ने उन्हें विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाया। भारतीय जनता पार्टी के लोग बता दें कि ये लोग कब आदिवासियों को विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाए हैं तो यह तो आदिवासियों को हमेशा दूसरे दर्जे के नागरिक की तरह व्यवहार करते रहे 15 साल तक, पेसा कानून लागू नहीं किए, फारेस्ट राइट एक्ट में अधिमान्यता जो मिलना था आदिवासियों को मिलना था, नहीं मिला। और आदिवासी इनके राज्य में पलायन करने के लिए मजबूर हुए, 600 गांव खाली हुए तो ये उनके कुशासन का हाल था।


आरक्षण मुद्दे पर बोले सीएम भूपेश बघेल- रमन सिंह जी सच में 2003 से लेकर 2012 तक आरक्षण लागू नहीं किया था और किया तो हाईकोर्ट में टिक नहीं पाया। हम लोग आरक्षण के लिए विशेष सत्र बुला रहे हैं। कवासी लखमा जी को इस्तीफा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, कांग्रेस की सरकार आदिवासियों के साथ हमेशा खड़ी है।सीएम भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वो राजनांदगांव में काम किये होते तो वहां के लोग सड़क की मांग नहीं करते। मैंने नई सड़क की घोषणा की वह सड़क बनाए होते तो उन्हें सड़क की जरूरत क्या थी। दूसरी बात यह कि सड़कें खराब हो गई तो 4 साल में सारी सड़कें खराब हो गई। सीएम बघेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में पूरी सड़कें खराब है रमन सिंह यदि काम किये होते तो सड़कें खराब नहीं होती। प्रदेश में एजुकेशन, हेल्थ पर हम काम कर रहे हैं, रमन सिंह जी केवल गुमराह करके वोट लेते रहे हैं।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कैबिनेट बैठक लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि 1 और 2 दिसंबर को जो विशेष सत्र बुलाया गया है उसके बारे में कैबिनेट में डिसीजन लिया गया। विधेयक के जो मसौदा है उसके बारे में चर्चा हुई और जो आरक्षण है उसके बारे में भी बात हुई। जिसमें अनुसूचित जाति जनजाति, पिछड़े वर्ग, ईडब्ल्यूएस इसके आरक्षण और दूसरा और जो जिला में भर्ती की जाती थी उस पर कोई एक्ट नहीं था जिसको हाईकोर्ट ने निरस्त किया था। एक आदेश के माध्यम से उसे जारी कर दिया गया था तो उसे भी निरस्त कर दिया गया था तो वह भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि प्रदेश के आरक्षण। उतना ही महत्वपूर्ण जिले के जिलों में जो पद होते हैं तृतीय चतुर्थ श्रेणी के लिए वह भी उतना ही महत्वपूर्ण है, उसको भी एक्ट में लाया जाएगा।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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